कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने शुक्रवार को मिनी स्टेडियम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, तो उन्हें वहां कई गड़बड़ियां देखने को मिलीं। बैडमिंटन की प्रैक्टिस कर रहे अधिकतर बच्चों ने कहा कि बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चलाया जाता है जिसके कारण उन्हें आधी अधूरी प्रैक्टिस कर वापस लौटना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान कोच भी ड्यूटी पर नहीं मिले।
दीपक रावत ने इसे गंभीरता से लेते हुए खेल विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने की चेतावनी दी और कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही मिली इसे गंभीरता से लिया जाएगा। दोपहर बाद मिनी स्टेडियम पहुंचे आयुक्त रावत ने स्टेडियम में 4 करोड़ 77 लाख की लागत से बनाए जा रहे फुटबाल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने बैडमिंटन के इंडोर स्टेडियम को भी देखा। उन्होंने वहां प्रैक्टिस कर रहे बच्चों से सवाल किया कि बिजली जाने पर जनरेटर चालू होता है तो बच्चों ने कहा नहीं।
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