नैनीताल। हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के चितई के गोलू देवता मंदिर में जागेश्वर धाम की तर्ज पर प्रबंधन समिति या ट्रस्ट बनाए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पुजारियों को याचिका में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार नैनीताल निवासी अधिवक्ता दीपक रूबाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चितई गोलज्यू के मंदिर में हर वर्ष लाखों का चढ़ावा आता है। मंदिर के पुजारी और उनका परिवार ही इस चढ़ावे का उपयोग करते हैं।
याचिकाकर्ता ने चितई गोलज्यू के मंदिर में जागेश्वर धाम की तर्ज पर ट्रस्ट बनाने की मांग की थी। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनायक पंत ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप प्रार्थना पत्र दायर कर कहा कि वह गोलज्यू से संबंधित मामले में अपना पक्ष कोर्ट में रख रहे हैं। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर अलग से खाता खुलवाने की मांग की है। दायर प्रार्थना पत्र में मंदिर में अनियमितताओं की जांच सहित चढ़ावे और दान की जांच कराने की मांग की है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की।