नैनीताल। हाईकोर्ट ने छोटा कैलास व ओम पर्वत की यात्रा कराने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से एक निजी कंपनी को ठेका दिए जाने के मामले में केएमवीएन ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि उन्होंने नियमानुसार निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही निजी कंपनी को ठेका दिया है। इसके लिए अखबार व वेबसाइट पर विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के निर्दश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार एनटीपी प्राइवेट लिमिटेड ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कुमांऊ मंडल विकास निगम ने छोटा कैलास व ओम पर्वत की यात्रा कराने के लिए 15 मार्च को डिवाइन मंत्रा कंपनी को आठ साल के लिए ठेका दिया है। याचिका में कहा गया कि यह कंपनी प्रत्येक श्रद्धालु से 56000 रुपये ले रही है और सरकार को 12400 रुपये दे रही है। निगम और कंपनी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि सारी सुविधाएं निगम को मुहैया कराई जानी है। निगम कंपनी को लाभ पहुंचा जा रहा है और श्रद्धालुओं को गुमराह किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने इस अनुबंध को निरस्त करने की मांग की थी।