नैनीताल। हाईकोर्ट ने मदरहुड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज रुड़की के बीएएमएस तृतीय वर्ष के छात्रों को 16 सितंबर (आज) से होने वाली परीक्षा में बैठने देने के निर्देश कॉलेज प्रबंधन को दिए हैं।
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मदरहुड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज रुड़की के 2017-2018 के बैच (तृतीय वर्ष) के छात्रों हर्षित मौर्य और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वे कॉलेज तृतीय वर्ष के छात्र हैं। 2019 में फीस निर्धारण कमेटी ने फीस में बढ़ोतरी कर उसे 80 हजार रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 2 लाख 15 हजार कर दिया था। याचिका में कहा गया कि यह बढ़ी हुई फीस 2019 के बाद वाले छात्रों पर लागू होनी थी, लेकिन प्रबंधन पुराने छात्रों से भी बढ़ी हुई फीस वसूल रहा है।
पूर्व में कोर्ट कॉलेज प्रबंधन को आदेश दे चुका है कि पूर्व छात्रों को बढ़ी हुई फीस वापस की जाए। अब प्रबंधन बीएएमएस के तृतीय वर्ष के छात्रों को 16 सितंबर से होने वाली परीक्षा में नहीं बैठने दे रहा है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करने के आदेश देते हुए कहा है कि इनसे फीस भी पुराने स्ट्रक्चर के अनुसार ही ली जाए।