नैनीताल। हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के स्याल्दे के सुदूरवर्ती गांव तोक गुरानी में निर्माणाधीन सड़क के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद लोनिवि रानीखेत डिविजन के अधीक्षण अभियंता (एसई) को निर्देशित किया है कि वह ग्रामीणों की बात सुनकर और तथ्यों पर विचार करते हुए दोबारा सर्वे कर दो महीने में निर्माणाधीन सड़क के लिए अग्रिम आदेश जारी करें।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। स्याल्दे निवासी प्रीतम सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि तोक गुरानी के अलग-अलग तोकों में तकरीबन 80 प्रतिशत लोग निवास करते हैं। लोक निर्माण विभाग उन तोकों के गांवों में संपर्क मार्ग बना रहा है जहां 20 प्रतिशत लोग रहते हैं। ग्रामीणों ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि निर्माणाधीन सड़क का दोबारा सर्वे कराते हुए उनके गांव को भी इससे जोड़ा जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि अभी उन्हें ब्लॉक कार्यालय तक जाने के लिए 22 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है।