नैनीताल। नगर निगम काशीपुर की ओर से याचिकाकर्ता की भूमि पर कब्जा करने के मामले में हाइकोर्ट ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) काशीपुर को निर्देश दिए हैं कि वह पटवारी, तहसीलदार की रिपोर्ट और सेक्शन-41 के आधार पर भूमि का सीमांकन कराएं। इसी के साथ हाईकोर्ट ने याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया है।
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उज्जैन काशीपुर निवासी ओम प्रकाश अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी भूमि कुंडेश्वरी काशीपुर रोड पर स्थित है। सड़क किनारे नगर निगम की भूमि भी है, जिस पर नगर निगम ने चहारदीवारी की हुई है लेकिन निगम ने चहारदीवारी बनाने के साथ-साथ उनकी भूमि पर भी कब्जा कर लिया है। इसे लेकर नगर निगम के साथ उनका विवाद चल रहा था। याचिकाकर्ता का कहना था कि नगर निगम ने उनके खिलाफ यह आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है कि उन्होंने नगर निगम की दीवार तोड़ दी है। इसके बाद उन्होंने उपजिलाधिकारी काशीपुर को भूमि का सीमांकन कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन उपजिलाधिकारी ने भी भूमि का सीमांकन नहीं कराया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। संवाद