धानक को शह देने वालों की भी हो गिरफ्तारी
प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने दृष्टिबाधित बच्ची के साथ यौन शोषण के मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
संगठन के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र फर्सवाण ने कहा कि पुलिस-प्रशासन की तत्परता से मामले में नई परतें खुल रही हैं। पदाधिकारियों ने पुलिस से यौन शौषण मामले में धानक को शह देने और इसके जिम्मेदार सभी लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा, महामंत्री राजेंद्र फर्सवान, संयोजक धर्म यादव, सह संयोजक देवेश अग्रवाल, प्रदेश संगठन प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष पूरन लाल साह, जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता मौजूद रहे।
दृष्टिबाधित संस्थान में लगाई शिकायत पेटी
दृष्टिबाधित बच्चों के संस्थान में शुक्रवार को डीएम के निर्देश पर गठित समिति की ओर से जांच की गई। इसमें सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष आरपी पंत, जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा आर्य, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, सीएमओ की ओर से नामित दो चिकित्सक डॉ. शालिनी, डॉ. रेनू, खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्र की टीम ने निरीक्षण किया। संस्थान में प्रोबेशन विभाग की ओर से शिकायत पेटिका लगाई गई है। पेटिका को पूरी तरह प्रोबेशन विभाग के नियंत्रण में रखा गया है।
नहीं चुना जा सका महासचिव 12 में से ही तीन सदस्य पहुंचे
दृष्टिबाधित संस्थान की शुक्रवार को हुई बैठक में कार्यवाहक महासचिव चुना जाना था लेकिन कोरम पूरा न होने के कारण नए कार्यवाहक महासचिव का चुनाव नहीं हो सका। 12 सदस्यों में अध्यक्ष समेत केवल तीन ही सदस्य बैठक में पहुंचे। बैठक में नए सदस्यों को भी जोड़ा जाना था। बैठक में शहर के गणमान्य लोगों को भी बुलाया गया था जिन्होंने संस्था को सुचारु रूप से चलाने पर चर्चा की।
अध्यक्ष सविता लाहुटी ने बताया कि बैठक में कोषाध्यक्ष पीएस पपोला, सदस्य गणेश गुरुरानी पहुंचे। अब बैठक की अगली तिथि सभी सदस्यों से राय कायम करने के बाद तय की जाएगी। इस दौरान बुलाए गए शहर के गणमान्य लोगों ने संस्था को सुचारु रूप से चलाने पर जोर दिया। कहा कि कुशलता पूर्वक संचालन के लिए कार्यकारिणी का पुनर्गठन बेहद जरूरी है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा आर्य ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कल्पना रावत, गोपाल पाल, आरएस कालाकोटी, प्रवीण सिंह, राकेश जोशी ने भी संस्था को मदद का भरोसा दिया।
लोगों ने ये कहा-
- बच्चों की फीस समय पर जमा हो।
- बच्चों के रूटीन हेल्थ चेकअप की व्यवस्था हो।
- आंखों की नियमित जांच की जाए।
- जिला प्रशासन की ओर से सहयोग दिया जाए।