बिंदुखत्ता। राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग पर बिंदुखत्ता के ग्रामीणों ने तहसील परिषद में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। यह आंदोलन 27 सितंबर को कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के आश्वासन पर कार्रवाई न होने से शुरू हुआ।
वन अधिकार संगठन की ओर से प्रस्तावित आंदोलन को पूर्व सैनिक संगठन और बिंदुखत्ता राज्य आंदोलनकारी संगठन सहित कई संगठनों ने प्रदर्शन का समर्थन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पहले दिन विकासपुरी इंदिरानगर प्रथम के संयोजक प्रकाश जोशी की अध्यक्षता में ग्रामीण धरने पर बैठे। उनके साथ वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट और पूर्व सैनिक संगठन के रैली संयोजक कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी भी मौजूद थे। वहां अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, भरत नेगी, दीपक जोशी, दीपक नेगी, चंचल सिंह कोरंगा, संध्या डालाकोटी, शंकर जोशी, भूपेंद्र कोरंगा, विजया कोरंगा, राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर आदि मौजूद रहे।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के मामले में प्रदेश सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इस संबंध में मेरी स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता हुई है। सरकार बिंदुखत्ता के मुद्दे पर गंभीर है। मैं बिंदुखत्ता के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि जल्द ही इस मामले में कोई न कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा। -राम सिंह कैड़ा, शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार
क्रमिक अनशन चौथे दिन भी जारी
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन का क्रमिक अनशन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अनशन में चौथे दिन आनंद सिंह दानू, दिनेश पलड़िया, प्रकाश जोशी, प्रेम सिंह भाकुनी तथा भारत सिंह मेहरा बैठे। बता दें कि कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने 2 अक्टूबर से शहीद स्मारक के निकट क्रमिक अनशन शुरू कर बिंदुखत्ता राजस्व गांव अधिसूचना शीघ्र जारी करने की मांग की है।