द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। दैनिक वेतन भोगी मनरेगा कर्मचारी नारायण रावत की सेवा बहाली को लेकर चल रहे आंदोलन को शासन प्रशासन ने पुलिस बल के दम पर खत्म करवा दिया।
भारी विरोध के बावजूद सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे नारायण रावत और पूरन जोशी को जबरन गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ कई अन्य समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया। पूर्व विधायक मदन बिष्ट और पूर्व प्रमुख राजेंद्र किरौला समेत कुल 16 लोगों ने गिरफ्तारियां दीं। इन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया।
नारायण रावत की सेवाएं खत्म करने के बाद कई दिनों से आंदोलन चल रहा था। पिछले सात दिनों से नारायण रावत और पूरन जोशी आमरण अनशन पर बैठे थे। सोमवार को शासन प्रशासन ने पुलिस बल के माध्यम से दोनों अनशनकारियों और कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।
पूर्व विधायक मदन सिंह बिष्ट और पूर्व प्रमुख राजेंद्र सिंह किरौला ने भी गिरफ्तारी दी। भारी संख्या में महिलाएं भी नारायण रावत के समर्थन में गिरफ्तारी के लिए तैयार थी लेकिन महिला पुलिस पर्याप्त नहीं होने के कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई।
नारायण रावत ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक के दबाव में शासन प्रशासन ने पुलिस बल के माध्यम से बलपूर्वक आमरण अनशन को खत्म किया है। उन्हें और उनके समर्थकों को जबरन गिरफ्तार किया है। पहले उन्हें स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल ले जाना था लेकिन उनको अस्पताल नहीं ले जाया गया।
आंदोलनकारियों और महिलाओं ने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। सहयोग के लिए पूर्व विधायक मदन सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख दीपक किरौला, पूर्व प्रमुख राजेंद्र किरौला आदि पंचायत प्रतिनिधियों का आभार जताया गया।
-16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया है, जबकि, दोनों आमरण-अनशनकारियों को स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती किया गया है। -शिप्रा जोशी, उपजिलाधिकारी द्वाराहाट।
मांगों पर बनी सहमति, चौहान ने तुड़वाया आमरण अनशन
अल्मोड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अल्मोड़ा की ओर से छात्र हितों की मांगों को लेकर सोमवार को छात्र आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान एसएसजे विवि की ओर से सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने पर कार्यकर्ताओं ने आमरण अनशन समाप्त किया। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने जूस पिलाकर छात्रों का अनशन तुड़वाया।
पांच दिन पहले से क्रमिक धरने पर बैठे छात्र मांग पूरी नहीं होने पर सोमवार से आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्रों की मांगों पर विचार करने के लिए एसएसजे विवि के प्रतिनिधि प्रो. जगत सिंह बिष्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुशील कुमार जोशी और परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 2021-22 में लिए गए प्रवेश पंजीकरण शुल्क में से कुछ रकम को इस वर्ष छात्रों की फीस से कम किए जाने, पुस्तकालय और समस्त विभागों में छात्र-छात्राओं को तत्काल प्रभाव से अलग सेमेस्टर की पुस्तकें वितरित किए जाने समेत छह सूत्री मांगों पर सहमति बनी।
यहां एबीवीपी जिला संयोजक कृष्णा नेगी, प्रांत एसएफडी प्रमुख निर्मल सिंह तड़ागी, प्रदेश सह मंत्री राजन चंद जोशी, विभाग संगठन मंत्री प्रशांत गौड़, विभाग संयोजक देवाशीष धानिक, प्रांत शोध प्रमुख दीपक उप्रेती आदि थे।