हल्द्वानी/नैनीताल/भीमताल। 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नैनीताल जिले में अलग-अलग स्थानों पर मकान ढहने और मलबे में दबने से 29 लोगों के मरने की सूचना है। देर शाम तक दस लोगों के नाम पता चल सका। सड़कें बंद होने और संचार सुविधा गड़बड़ाने से रेस्क्यू टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण कंट्रोल रूम तक सूचनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।
जिला आपदा कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार की देर शाम तक अलग-अलग स्थानों से 28 लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली थी। इनमें दोषापानी मुक्तेश्वर में पांच, चौखटा में छह, कैची में दो, सकूना पिछलटाना में नौ, बोहराकोट रामगढ़ में दो और रामगढ़ में ही एक व्यक्ति के दबे होने की सूचना थी।
मृतकों की सूची
- बोहराकोट गांव में मकान ढहने से शंभूदत्त (65) पुत्र केशव दत्त और बसंत बल्लभ (55) पुत्र ईश्वर दत्त
- चोपड़ा ज्योलीकोट में बारिश में बहने से मनोज कुमार आर्य पुत्र सुंदर लाल
- कैंची में मकान ढहने से ऋचा चौहान (18) और अभिषेक चौहान (20)
- चौखुटा में मकान ढहने से धीरज कुमार कुशवाहा (24), इम्तियाज (20), जुमराती (25), विनोद कुमार (21) और हरेंद्र कुमार
-भीमताल के सिंह रेस्टोरेंट के पास मलबे की चपेट में आने से 11 वर्षीय ललित कबड़वाल।
-ओखलकांडा के थलाड़ी निवासी हयात सिंह ठठोला और उनकी मां शांति देवी की मौत, तीन बेटियों और एक बेटा और पत्नी का शव नहीं निकाली जा सकी है।
इन लोगों का नहीं चल सका पता
- रामगढ़ ब्लॉक के झूतिया निवासी मोहन राम (58) पुत्र उदय राम, दमयंती देवी (47) पत्नी मोहन राम और देवेंद्र (27) पुत्र मोहन राम मंगलवार की सुबह मकान सहित बह गए। अभी तक इन लोगों का पता नहीं चल पाया है।
- रामगढ़ के झूतिया में झोपड़ी में रह रहे नौ मजदूर मलबे में दब गए जिनका अभी तक पता नहीं पता चल पाया है। रामगढ़ चौकी इंचार्ज मनोज आर्य ने बताया कि सभी बिहार के रहने वाले हैं और सभी हली मोटर मार्ग में हो रहे डामरीकरण के काम में लगे हुए थे।