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हरीश रावत बड़े नेता और मेरे गुरु रहे हैं: रणजीत रावत

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रामनगर (नैनीताल)। पूर्व सीएम हरीश रावत से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाले कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत का सुर रविवार को बदला-बदला नजर आया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हरीश रावत बड़े नेता हैं और उनके गुरु रहे हैं। टिकट मिलना, नहीं मिलना हाईकमान तय करता है। पार्टी हाईकमान का जो भी निर्णय होगा वह उसका सम्मान करेंगे।
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कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में रणजीत रावत ने हरीश रावत के रामनगर से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि उनका (हरीश रावत का) लाइन ऑफ एक्शन क्या होगा यह तो वहीं जानें मगर उन्हें विश्वास है कि पार्टी टिकट उन्हें ही (रणजीत को) देगी। निर्दलीय चुनाव लड़ने के सवाल पर रणजीत ने कहा कि वह रणनीति ही क्या, जो बता दी जाए। इस मौके पर अनिल कुमार खुलासा, डॉ. निशांत पपनै, देशबंधु रावत, महेंद्र प्रताप सिंह, भोपाल बिष्ट, हाजी मोहम्मद अकरम, विनय पड़लिया, किशोरी लाल, अतुल अग्रवाल, धीरत सती, तारा चंद्र सती, ओमप्रकाश आर्यवंशी आदि मौजूद रहे।
पांच भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल
रामनगर। पांच भाजपा कार्यकर्ताओं ने रविवार को कांग्रेस की सदस्यता ली। कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत सिंह रावत ने उन्हें सदस्यता दिलाई। सदस्यता लेने वालों में भाजपा के पूर्व महामंत्री कुबेर सिंह बिष्ट, पूर्व ग्राम प्रधान और कोऑपरेटिव सोसायटी करनपुर के निदेशक एडवोकेट विक्रम भट्ट, रघुविंदर सिंह, भुवन जोशी, महेश मठपाल शामिल हैं। (संवाद)
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आखिर किसकी कॉल ने असहज कर दिया
रामनगर (नैनीताल)। भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के बीच अचानक रणजीत रावत के फोन पर आई एक कॉल ने उन्हें असहज कर दिया। करीब दस मिनट तक वह फोन पर बात करते रहे। माना जा रहा है कि यह कॉल हाईकमान से आई थी।
मंच पर पार्टी नेताओं का भाषण चल रहा था। इस बीच रणजीत रावत के फोन की घंटी बजी तो वह अलग कमरे में चले गए। वहां इत्मीनान से कुर्सी पर बैठकर उन्होंने करीब दस मिनट तक बात की। वार्ता के दौरान उन्होंने बार-बार रामनगर से ही चुनाव लड़ने की बात कही। अंत में सब कुछ पार्टी आलाकमान पर छोड़ने की बात कहकर फोन काट दिया।
हमेशा हॉट रही है रामनगर सीट
रामनगर। रामनगर विधानसभा सीट हमेशा हॉट सीट मानी जाती रही है। यहां के लिए कहा जाता है कि जिस पार्टी का विधायक यहां से जीता है उत्तराखंड में उसी पार्टी की सरकार बनी है। 2002 में कांग्रेस के योगेम्बर सिंह रावत विधायक बने तो कांग्रेस की सरकार बनी। 2007 में भाजपा के दीवान सिंह बिष्ट चुनाव जीते और सरकार भाजपा की बनी। 2012 में रामनगर से कांग्रेस के टिकट पर अमृता रावत चुनाव जीती और सरकार कांग्रेस की बनी। 2017 में एक बार फिर से दीवान सिंह बिष्ट चुनाव जीते और सरकार भाजपा की बन गई। इस बार यहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत के बीच पेच फंसा हुआ है।
कार्यकर्ताओं ने की हरीश रावत की पैरवी
रामनगर (नैनीताल)। कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष एस लाल के आवास हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत को रामनगर से चुनाव लड़ाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि हरीश के चुनाव लड़ने से रामनगर का चहुंमुखी विकास होगा। इस दौरान कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री बलवंत सिंह भरड़ा, कांग्रेस कमेटी रामनगर के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष यशवंत सिंह जलाल, खुशाली राम, प्रदीप भूटिया, गोपाल राम आदि मौजूद रहे।
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