फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haldwani: हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड को धरती निगल गई या आसमां, सात दिन बाद भी नहीं लग सका मलिक का पता

Fri, 16 Feb 2024 12:24 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

Haldwani violence: बनभूलपुरा हिंसा का आरोपी अब्दुल मलिक को माना जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। मगर उपद्रव को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब्दुल मलिक गायब है। 
विज्ञापन
haldwani violence - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

बनभूलपुरा हिंसा का मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को माना जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। मगर उपद्रव को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब्दुल मलिक गायब है। नैनीताल पुलिस न तो मलिक का पता ही लगा सकी है और न ही उसके ठिकानों के बारे में कोई जानकारी है।

बनभूलुपरा में स्थित मलिक का बगीचा, जहां बने अवैध अतिक्रमण के कारण पूरा हल्द्वानी अशांत हो गया। इस मामले में पुलिस ने अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद को मुख्य आरोपी माना है, जिनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। बनभूलपुरा हिंसा के बाद से ही पुलिस अब्दुल मलिक की खोज में लगी है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार पुलिस की चार टीमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य क्षेत्रों में घूम रही हैं। हिंसा के बाद सात दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। अब्दुल मलिक और उसका बेटा अंडरग्राउंड हो चुके हैं। साथ ही कुछ अन्य आरोपी भी अभी फरार हैं, जिनके बारे में पुलिस कोई पता नहीं लगा सकी है। पुलिस टीम मलिक को पकड़ने के लिए शहर दर शहर घूम रही है, लेकिन उसके ठिकानों तक का पता तक नहीं लगा सकी है, जहां दबिश दी जा सके या फिर कोई क्लू हाथ लग सके। ऐसे में सात दिन से भटक रही पुलिस टीमों की तलाश अब थकावट में बदलने लगी है।

ये पढ़ें- Haldwani:...फिलहाल नैनीताल जिले में हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड की संपत्ति होगी कुर्क, जानें क्या बोले SSP

 

विज्ञापन

वहीं सूत्रों का मानना है कि मलिक के नेपाल भागने की भी संभावना है। ऐसे में पुलिस ने मलिक और उसके बेटे मोईद के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है, ताकि वह देश छोड़कर भाग न जाए। आम तौर पर एलओसी तब जारी किया जाता है जब कोई अपराधी अपने खिलाफ दर्ज किसी विशेष मामले में फरार हो और यह आशंका हो कि वह देश छोड़कर भाग सकता है। इससे अधिकारी उसके यात्रा दस्तावेजों को जब्त करने और एजेंसी को भेजने का काम भी कर सकते हैं। पुलिस की सर्विलांस टीमें भी हर पल जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें