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हल्द्वानी के टेंट व्यवसायी पर हत्या का दोष साबित

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प्रतीकात्मक।
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नैनीताल। छह साल पहले हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार की अदालत ने हत्यारोपी टेंट व्यवसायी शेखर मेहरा को हत्या का दोषी करार दिया है। न्यायालय ने मामले में अन्य तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश किए हैं। हत्या के दोषी की सजा के मामले में 31 अगस्त को न्यायालय में सुनवाई होगी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने शेखर को हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया।
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अभियोजन की ओर से मामले में पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि 15 जून 2015 को हेम चंद्र पंत पुत्र कैलाश चंद्र पंत निवासी शिवपुरम फेस दो हनुमान मंदिर कुसुमखेड़ा ने मुखानी थाने में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस को बताया कि 13 जून को उनके घर में नामकरण संस्कार का कार्यक्रम था। शेखर मेहरा पुत्र स्व. आनंद सिंह निवासी शिवपुरम फेस दो कुसुमखेड़ा अपने साथियों के साथ कार्यक्रम में उनके घर पहुंचा और भाई अशोक पंत को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गया। 14 जून को पत्नी दीपा पंत ने अशोक को फोन किया तो पता चला कि वह शेखर मेहरा के साथ है। उसके बाद से ही अशोक का मोबाइल बंद हो गया।
न्यायालय को बताया गया कि अगले दिन अशोक पंत का खून से लथपथ शव ग्राम भरतपुर में बृजवासी स्कूल के पास पड़ा मिला। रिपोर्ट में कहा था कि अशोक की हत्या से पहले शेखर मेहरा ने उसे कई बार जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने शेखर मेहरा व अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के दौरान पुलिस ने शेखर मेहरा व उसके तीन साथियों रवि फूलमाली, सुमित सक्सेना और मनीष गौड़ को संदेह के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शेखर मेहरा की निशानदेही पर कांच की टूटी हुई बोतल और गला दबाने में प्रयुक्त गमछा बरामद कर लिया।
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अभियोजन तथ्य को सिद्ध करने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने 12 गवाह न्यायालय में पेश किए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थी। मामले में अभियोजन की ओर से सर्विलांस के माध्यम से यह साबित किया गया कि घटना के रोज अशोक पंत और शेखर मेहरा की मोबाइल लोकेशन एक ही स्थान पर रही। गवाहों के बयान, सर्विलांस रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट, कॉल डिटेल, अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों और परिस्थितिजनक साक्ष्यों को देखने और सुनने के बाद न्यायालय ने शेखर मेहरा को हत्या का दोषी पाया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शर्मा ने बताया कि शेखर मेहरा को 31 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। दूसरी ओर बचाव पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनिल रजवार, सुभाष जोशी और कैलाश जोशी ने बताया कि मामले में न्यायालय ने शेखर मेहरा के तीनों साथियों रवि फूलमाली, सुमित सक्सेना और मनीष गौड़ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
गवाही को पहुंची महिलाओं के प्रयासों को न्यायालय ने सराहा
नैनीताल। हत्या के मामले में अहम बात यह रही कि आरोपी के खिलाफ गवाही देने वालों में दो महिला गवाह भी शामिल रहीं। न्यायालय ने गवाही देने के लिए महिलाओं के आगे आने पर सराहना की। न्यायालय ने कहा कि महिलाओं का यह साहस प्रशंसनीय और अनुकरणीय है, क्योंकि मौजूदा हालातों में लोग गवाही देने से बचते हैं जबकि इस मामले में दो महिलाएं भी गवाह के रूप में न्यायालय पहुंची हैं।
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