हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दो हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा के बाद बजट जारी करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। एक सप्ताह में राज्य सरकार को 1600 करोड़ रुपया जारी हो जाएंगे। राज्य सरकार को इस योजना में 400 करोड़ रुपया खर्च करने होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को हल्द्वानी में हुई जनसभा में हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र के लिए दो हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। यह बजट केंद्र सरकार के एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास कार्ययोजना के तहत अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं के तहत जारी होगा। आर्थिक कार्य विभाग भारत सरकार ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब भारत सरकार के अनुसचिव (अंडर सेक्रेट्री) डॉ. व्योमेश पंत ने एशियन डेवलपमेंट बैक के कंट्री डायरेक्टर को पत्र लिखकर पैसा जारी करने के लिए कहा है। एक सप्ताह में एशियन डेवलपमेंट बैंक इस बजट को जारी कर देगा। इसके बाद यह पैसा राज्य सरकार को मिल जाएगा।
मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी का हल्द्वानी दौरा ऐतिहासिक रहा। उन्होंने हल्द्वानी के विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपये दिए हैं। इससे हल्द्वानी सुंदर शहर बन जाएगा। हम पीएम, मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
ये काम होंगे
- पेयजल
- सीवरेज
- स्वच्छता
- सड़क निर्माण
- बरसाती जल प्रबंधन
- भूजल पुनर्भरण
- जल निकायों का संरक्षण तथा वेंडिंग जोन आदि विकास कार्य
- वाहन प्रदूषण मुक्त क्षेत्र
- पैदल यात्रा पथ
- ऊर्जा कुशल स्ट्रीट लाइट
- हरित शहरी विकास
- मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण
- राजस्व संग्रह में सुधार के लिए जीआईएस आधार संपत्ति मानचित्रण और संपत्ति प्रबंधन
- क्षमता निर्माण और सुशासन के लिए प्रशिक्षण
- परिवहन हब
- बस टर्मिनल निर्माण
- चार्जिंग स्टेशन
- ई-सेवा केंद्र की स्थापना
- बेहतर पर्यावरण के लिए स्मार्ट शहरी स्थल
1600 करोड़ रुपये को केंद्र सरकार करेगी वापस
हल्द्वानी। एशियन डेवलपमेंट बैंक से ऋण के रूप में मिलने वाले 1600 करोड़ रुपये को केंद्र सरकार वापस करेगी। राज्य को अपने हिस्से के 400 करोड़ रुपये खर्च करने हैं। योजना में केंद्र का अंश 80 प्रतिशत और राज्य का अंश 20 प्रतिशत है।
नगर निगम लोगों से मांगेगा सुझाव
हल्द्वानी। नगर निगम इस बजट को खर्च करने से पहले नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों से राय भी लेगा। मेयर जोगेंद्र रौतेला ने कहा कि लोगों को सुझाव देने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। लोगों की राय मिलने के बाद योजनाओं में इसे भी शामिल किया जाएगा।