हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहे छह गांवों के डूब क्षेत्रवासियों की शनिवार को हैड़ाखान गेस्टहाउस परिसर में हुई महापंचायत में ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि प्रभावितों को सरकार प्राग फार्म में पांच एकड़ जमीन दे और बांध बना ले। जब तक सरकार द्वारा पांच एकड़ जमीन व अन्य भौतिक व्यवस्थाएं मुहैया नहीं कराई जाएंगी तब तक किसी प्रकार जमरानी बांध निर्माण के लिए ग्रामीण सहमत नहीं हैं।
महापंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि काश्तकारों की कृषि भूमि डूब रही है उसका मुआवजा स्पष्ट किया जाए। जमरानी बांध संघर्ष समिति के अध्यक्ष नवीन पलडिया ने बताया कि महापंचायत में 12 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई। कहा गया कि यहां के स्थानीय मकानों का सामान ले जाने का प्रबंध करने, इमारती लकड़ी, रेता, बजरी, चारागाह का अधिकार यहां की भांति दिया जाने, 500 मीटर डूब से ऊपर रह रहे लोगों का भी पुनर्वास करने, जमरानी बांध के डूब एवं प्रभावित क्षेत्र के काश्तकारों को भूमि उपलब्ध कराने, सरकार द्वारा नामित सदस्य ग्रामीणों से वार्ता करने के लिए गांव में भेजने, प्रभावितों को प्राग फार्म में पांच एकड़ जमीन दिए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठी। इसके अलावा राजस्व ग्राम तिलवाड़ी में तीन परिवारों के आवास व जमीन डूब रहे हैं जो ए श्रेणी से वंचित हो गए हैं उन्हें भी जोड़ने के लिए प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में संघर्ष समिति के सचिव प्रताप राम, गुुमान सिंह, पान सिंह, बल्देव सिंह, शेर सिंह, रघुवर सिंह, आनसिंह, नारायण सिंह, हीरा सिंह, हरक सिंह, राजेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।