गौला पुल पर बुधवार को पूरे दिन वन विभाग और एनएचएआई की बीच एप्रोच रोड के निर्माण को लेकर खींचतान चलती रही। एनएचएआई ने विभाग पर एप्रोच रोड का निर्माण कार्य बंद कराने का अरोप लगाया। वन विभाग ने बताया कि एनएचएआई ने विभाग से कोई परमिशन नहीं मांगी है। विभागीय लड़ाई के बीच बुधवार को एप्रोच रोड का कार्य शुरू नहीं हो पाया।
14 सितंबर को आपदा आने से गौला पुल की एप्रोच रोड बह गई थी। पुल बंद होने से लाखों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। कुमाऊं कमिश्नर ने दौरा करने के बाद एप्रोच रोड को हल्के वाहनों के लिए खोलने के निर्देश दिए थे। वन विभाग ने गौला नदी में अस्थायी रास्ता बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। बुधवार को एनएचएआई ने एप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू किया।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास मित्तल ने बताया कि हमने निर्माण कार्य के लिए मशीनें नदी में उतारीं थीं। वन विभाग ने तुंरत काम रुकवा दिया जबकि हमारे पास प्रशासन की परमिशन थी। बावजूद वन विभाग ने हमें काम नहीं करने दिया। एनएचएआई ने 21 हजार क्यूबिक मीटर खनन की परमिशन मांगी है। एसडीएम परितोष वर्मा ने कहा कि बुधवार को वन विभाग को गलतफहमी हो गई। अवकाश के कारण बुधवार को परमिशन नहीं मिल पाई। परंतु वन विभाग ने एनएचएआई को काम करने के लिए कह दिया है। बृहस्पतिवार को वन विभाग इसकी परमिशन दे देगा।
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हमने वन विभाग से एप्रोच रोड के निर्माण के लिए खनन की परमिशन मांगी है। अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
-विकास मित्तल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
हमारी ओर से निर्माण कार्य नहीं रुकवाया गया है। अब तक यह मामला संज्ञान तक में नहीं था।
-हिमांशु बागरी, प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी
एनएचएआई ने हमसे कोई परमिशन नहीं मांगी है। वन विभाग नदी में हल्के वाहनों के लिए अस्थायी रास्ता बना रहा है।
- अनिल जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी