रामनगर। दूरस्थ गांव पाटकोट के ग्रामीणों की लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग अब पूरी होने वाली है। केंद्र सरकार से वन विभाग की इस कार्ययोजना को हरी झंडी मिल चुकी है। चुनाव के बाद पाटकोट-कोटाबाग मार्ग का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। वन विभाग इस सड़क को बनाएगा और बैरियर लगाकर वाहनों का संचालन कराएगा।
रामनगर ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ पाटकोट गांव में अमगढ़ी, डोन परैवा, गौरियादेव, रियाड़, ओखलढूंगा, लेटी, भलौन, हंसरामपुर ग्राम सभा है। इन गांव के लोगों को कोटाबाग ब्लॉक जाने के लिए उल्टा रामनगर और बैलपड़ाव से होकर करीब 60 किलोमीटर जाना पड़ता है। जबकि पाटकोट से गांव होते हुए कोटाबाग की दूरी छह किलोमीटर है। पाटकोट और कोटाबाग रामनगर वन प्रभाग के अधीन होने की वजह से सड़क निर्माण में वन कानून आड़े आ रहे थे। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि पाटकोट से कोटाबाग सोहनजाला तक सड़क विभागीय कार्ययोजना में शामिल थी। कार्ययोजना को भारत सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। यह सड़क कच्ची होगी, लेकिन इसमें ग्रामीणों की आवाजाही हो सकेगी। वन विभाग ही इस सड़क को अपने प्रयोग के लिए बनाएगा। बजट मांगा गया है, बजट मिलते ही सड़क बनाई जाएगी।
रामनगर आकर जाना पड़ता था कोटाबाग
सड़क निर्माण की मांग के लिए समाजसेवी हरीश चंद्र सती ने बताया कि रामनगर के पाटकोट के अंतर्गत अमगढ़ी, ओखलढूंगा, डोन परेवा गांव का ब्लॉक कोटाबाग है। ऐसे में ब्लॉक संबंधित कार्यों और पैसे निकालने के लिए इन गांव के ग्रामीणों को रामनगर होते हुए 60 किमी की दूरी तय कर कोटाबाग जाना पड़ता है। पाटकोट के लोगों की पुलिस चौकी भी कोटाबाग में है। इस सड़क के बनने से ग्रामीणों को रामनगर नहीं जाना पड़ेगा।