हल्द्वानी। स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों के 60 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राएं नेटवर्क की समस्या के चलते ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं कर पा रहे हैं। इधर, कुमाऊं विश्वविद्यालय ने पहली सितंबर से परीक्षाएं कराने का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
ऑनलाइन पढ़ाई का हाल यह है कि पर्वतीय क्षेत्रों में रह रहे विद्यार्थी नेटवर्क समस्या के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। नोडल अधिकारी और रामनगर पीएनजी स्नातकोत्तर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. महेश पांडेय ने बताया कि डिग्री कॉलेजों से मिले फीडबैक के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई से मात्र 40 फीसदी छात्र ही जुड़ पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले उच्चशिक्षा निदेशालय को इस संबंध में सभी कॉलेजों से रिपोर्ट संकलित कर भेजी जा रही थी कि डिग्री कॉलेजों के कितने विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ रहे हैं लेकिन नई व्यवस्था के तहत सभी कॉलेजों से ऑनलाइन शिक्षण की रिपोर्ट तैयार कर अपने यहां ही रखने को कहा गया है। उधर, एमबीपीजी कॉलेज के बीए के छात्र सचिन जोशी, रोहन भट्ट, विनोद कुमार का कहना है कि बिना पढ़ाई के परीक्षाएं कैसे देंगे, इसकी चिंता बनी हुई है।