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युवाओं के लिए रोजगार बनेगा मतदान का आधार

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Employment For Youth in Haldwani - फोटो : Getty Images
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हल्द्वानी। उत्तराखंड बनने के बाद से रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। डिग्री लेने के बाद भी युवाओं के हाथ बेरोजगारी लग रही है। सरकारें लगातार बदल रही हैं लेकिन रोजगार का मुद्दा आज भी वही है।
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चुनावी माहौल के बीच इन दिनों राजनीतिक पार्टियों के नेता हजारों युवाओं को रोजगार देने की बात कर रहे हैं लेकिन सत्ता पर काबिज होते ही रोजगार का मुद्दा लटक जाता है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण युवाओं में हताशा है। बेरोजगारी का ग्राफ कम होने के बजाय हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। चुनावी दंगल के बीच युवाओं के लिए रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। युवाओं का कहना है कि इस बार के चुनाव में रोजगार ही उनके मतदान का आधार रहेगा।
प्रदेश में उच्च शिक्षा को बेहतर किया जाना चाहिए। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अन्य राज्यों की अपेक्षा कम है, जिसका प्रमुख कारण खराब अवसंरचना, अपर्याप्त अनुसंधान व शिक्षकों की कमी है। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापरक अनुसंधान की आवश्यकता है। इसका प्रभाव रोजगार पर भी पड़ रहा है। - शिखा बिनवाल, रिसर्च स्कॉलर।
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रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दे आज भी यथावत हैं। चुनावों के समय राजनीतिक पार्टी के लोग इन मुद्दों को हवा देते हैं। सत्ता पर काबिज होते ही ये सभी मुद्दे गायब हो जाते हैं। प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ते जा रही है, यही इस बार के मतदान का आधार होगा। - गौरव पंत, जियोलॉजिस्ट।
प्रदेश में रोजगार के साथ ही शिक्षा का भी बुरा हाल है। तकनीकी और बेहतर शिक्षा के लिए आज भी प्रदेश से बाहर जाना पड़ता है। उत्तराखंड बनने के बाद से पहाड़ के लोगों के मुद्दों का समाधान नहीं किया गया है। बेरोजगारी का ग्राफ कम होने के बजाए हर वर्ष बढ़ रहा है। - इंदर बोरा, गेठिया।
रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य के मुद्दे जस के तस बने हुए हैं। चुनाव के दौरान नेता तमाम तरह के वादे करते हैं। सत्ता पर काबिज होते ही असल मुद्दे गायब हो जाते हैं। डिग्रियां पाने के बाद भी युुवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता है। - मुकेश सिंह, हल्द्वानी।
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