कांग्रेस के एक पुराने नेता और विकास पुरुष एनडी तिवारी के रिश्तेदार दीपक बल्यूटिया ने तो कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी को इस्तीफे के साथ लंंबा चौड़ा पत्र भेज दिया। अल्मोड़ा में भी कांग्रेस प्रत्याशी को पार्टी के दो विधायकों की नाराजगी भारी पड़ सकती है। सियासी जानकारों का कहना है कि कांग्रेस के सामने भाजपा है, जहां मोदी फरमान के आगे सारे बागी बिल के भीतर छिप जाएंगे या पार्टीके उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करते नजर आएंगे। ऐसे हालात में देखना होगा कि कुमाऊं की दोनों सीटों भगवा फिर लहराएगा या कांग्रेस के प्रदीप और प्रकाश देश की सबसे पुरानी पार्टी के वैभव को लौटा कर यहां नई लौ जलाने में कामयाब होंगे या नहीं।
अल्मोड़ा-पिथैरागढ़ सीट
भाजपा- अजय टम्टा
कांग्रेस- प्रदीप टम्टा
नैनीताल-यूएसनगर सीट
भाजपा- अजय भट्ट
कांग्रेस- प्रकाश जोशी
काम, मोदी नाम और मधुरवाणी से चुनावी वैतरणी पार करने की उम्मीद
पंडित गोविंद बल्लभ पंत से लेकर विकास पुरुष की कर्मस्थली रही लोकसभा सीट से इस बार भी अपने काम और अपने काम के सहारे अजय भट्ट लगातार तीसरी बार चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश में है। पार्टी ने पहले ही उन्हें प्रत्याशी घोषित करके इस सीट पर मतदाताओं के बीच माइलेज ले लिया है। यह संसदीय सीट 2014 से भाजपा के पास है तब भगत सिंह कोश्यारी ने हरीश रावत को शिकस्त दी थी, अगले चुनाव में भाजपा ने अजय भट्ट पर दांव लगाया और उन्होंने सबसे ज्यादा अंतर से जीत दर्ज कर हरीश रावत को ऐसे वनवास पर भेजा कि तब से वह हार से ऊबर नहीं पाए हैं। भट्ट की प्लस प्वाइंट ये है कि साधारण से साधारण कार्यकर्ता से भी वह उसी आत्मीयता से मिलते है जिस तरह वह बड़े नेताओं से मुलाकात करते हैं। पिछले चुनाव के कई वादों को पूरा करने के दावे के बीच उनका जनाधार भी बढ़ा है।