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फतेहपुर के जंगल में बाघ के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत

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फतेहपुर क्षेत्र में नंदी देवी को बाघ द्वारा मारे जाने के बाद शव को उठाकर लामाचौड़ चौराहे पर जाम ल?
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हल्द्वानी। रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर के जंगल में बाघ के हमले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इस रेंज में छह माह में वन्यजीव के हमले में सातवें व्यक्ति की जान गई है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने फतेहपुर मार्ग पर शव को रखकर जाम लगा दिया और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर एसडीएम, वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया। पर लोगों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासी नाराजगी थी।
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रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में वन्यजीवों के हमले में कई लोगों की जान जा चुकी है। दिसंबर-2021 से मार्च के बीच छह लोगों की मौत हुई थी। इसमें कई लोग बाघ के हमले में मारे गए थे। इसके बाद वन विभाग ने बाघ को आदमखोर घोषित करने के साथ बाघ को पकड़ने और मारने दोनों का अभियान शुरू किया था। तमाम कोशिशों के बावजूद भी वन विभाग को सफलता नहीं मिली है।
अब एक बार फिर बाघ के हमले में फतेहपुर के जंगल (काठगोदाम ब्लॉक कक्ष संख्या-1) मे घटना हुई है। ग्राम नवाड़ सैनानी फतेहपुर की रहने वाली नंदी देवी (75) शाम चार बजे तीन अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास काटने गई थीं जहां बाघ ने उन पर हमला कर दिया। अन्य लोगों के शोर करने पर बाघ भाग गया। सूचना पर ग्रामीण और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। शव को फतेहपुर मार्ग पर लाया गया। इसी बीच सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। इसके बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली से आक्रोशित ग्रामीणों ने हल्द्वानी-फतेहपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
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उनका कहना था कि लगातार क्षेत्र में घटनाएं हो रही हैं, पर अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं। आरोप था कि वन विभाग की अक्षमता के कारण घटनाएं हो रही हैं। सूचना मिलने पर एसडीएम मनीष सिंह और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि वन विभाग की मुस्तैदी रहती तो घटनाएं रोकी जा सकती थीं। इसी बीच आक्रोशित लोगों ने शव रखकर फतेहपुर तिराहा जाम कर दिया।
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने। बाद में ग्रामीण शव लेकर फतेहपुर मार्ग पर पहुंच गए। रात 8:30 बजे रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर हमला तेंदुए ने किया है तो उसे तत्काल मारने की कार्रवाई की जाएगी। अगर बाघ का हमला है तो उच्चाधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर कार्रवाई की जाएगी। आरओ केआर आर्य ने बताया कि इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। कहा कि जल्द ही प्रभावित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। जंगल के काफी अंदर की तरफ घटना हुई है, लोगों से पुन: अपील की जा रही है कि वे जंगल में न जाए।
सात लोगों की हो चुकी मौत, वन विभाग के हाथ खाली
हल्द्वानी। रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में बाघ को पकड़ने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। वन विभाग बाघ को काबू करने के प्रयास करता रहा है, इसी बीच एक के बाद एक सात घटनाओं में सात लोगों की जान चली गई। फतेहपुर रेंज में वन्यजीव के हमले में दिसंबर में पहली मौत की घटना हुई थी। इसके बाद मार्च तक छह लोगों की जान पनियाली, कठघरिया, दमुवाढूंगा के जंगल आदि जगहों पर चली गई।
वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के जामनगर चिड़ियाघर से प्रशिक्षित टीम को बुलाया। यह टीम भी करीब एक महीने तक रही, लेकिन बाघ को पकड़ा/मारा नहीं जा सका। सूत्रों के अनुसार जिस इलाके में वन विभाग की टीम अभियान चला रही थी, वहां पर चार बाघ/बाघिन होेने की बात सामने आ रही थी ऐसे में कौन सा बाघ हमलावर है, उसकी पहचान करना था। ड्रोन, कैमरा ट्रैप, पिंजरा समेत तमाम संसाधन और कर्मियों की फौज उतारने के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली है। अब वन विभाग फिर से और सुरक्षा कड़ी करने की बात कह रहा है।
दो दिन में दो लोगों की जान बाघ के हमले में जा चुकी
हल्द्वानी। दो दिन में दो लोगों की जिंदगी बाघ के हमले में चली गई है। 15 जून को कार्बेट पार्क के सर्पदुल्ली रेंज में बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 16 जून को बाघ के हमले में फतेहपुर रेंज में महिला की मौत हो गई है। फतेहपुर क्षेत्र के आसपास के लोगों का कहना था कि कई बार इलाके में वन्यजीवों के मूवमेंट की जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि बाघ को मारने की बात तो दूर की है, उसे ट्रैक्यूलाइज करने से लेकर चिहिन्त करने तक काम पूरा नहीं किया जा सका।
डीएफओ को लेकर नाराजगी
हल्द्वानी। फतेहपुर मार्ग पर जाम लगाने वालों की डीएफओ को लेकर भी खासी नाराजगी थी। उनका कहना था कि सूचना मिलने पर सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए, लेकिन डीएफओ नहीं आ सके। आरोप लगाया कि विभागीय ढिलाई के कारण वन्यजीवों का आतंक बना हुआ है।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से बात की
हल्द्वानी। केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. पराग मधुकर धकाते और डीएफओ चंद्रशेखर जोशी को दूरभाष पर पर तत्काल मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री भट्ट ने नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी से कहा कि एक बाद एक हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।

मृतक नंदी देवी की फाइल फोटो। संवाद

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