भवाली भीमताल रोड पर उड़ती धूल।
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नैनीताल। दैवी आपदा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की अधिकांश सड़कों पर मलबे के ढेरों से उठ रहा धूल का गुबार लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को धूल के कारण खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की मानें तो यदि धूल से बचाव न करना सेहत पर भारी पड़ सकता है।
बता दें कि 18 और 19 अक्तूबर को हुई दैवी आपदा में नैनीताल जिले के भीमताल, धारी, ओखलकांडा, बेतालघाट और रामगढ़ ब्लॉक की कई सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हो गई थी। लोनिवि ने अधिकांश सड़कों पर गिरे मलबे को हटाकर यातायात तो सुचारु करा दिया, लेकिन मलबे के ढेरों को सड़क किनारे ही फैला दिया गया है। ऐसे में उस सड़क से वाहन गुजरने पर धूल का ऐसा गुबार उठ रहा है कि सामने से आने वाले वाहन तक नहीं दिखाई दे रहे हैं। लोगों ने लोनिवि के अधिकारियों से धूल वाली सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने की मांग की है।
दमा और त्वचा रोगियों के लिए खतरनाक है धूल : डॉ. धामी
नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी का कहना है कि धूल का गुबार दमा के मरीजों के साथ-साथ उन लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है, जिन्हें त्वचा रोग संबंधी शिकायतें रहती हैं। डॉ.धामी का कहना है कि ऐसे लोगों को धूल से बचना चाहिए। यात्रा के दौरान चेहरे को पूरी तरह से ढकने के साथ चश्मा लगाएं। दोपहिया वाहन चालक आधुनिक हेलमेट और मास्क का उपयोग करें।