हल्द्वानी। कुमाऊं से रोडवेज बसें लेकर दिल्ली आनंद विहार पहुंचे चालक-परिचालकों को पार्किंग के लिए जगह नहीं मिली। वे यात्री उतारने के बाद बसों को दाएं-बाएं करते रह गए। आलम यह रहा कि रातभर गाड़ी चलाकर दिल्ली पहुंचे चालकों की नींद हराम हो गई। इससे उनका पारा चढ़ गया और उन्होंने वहीं स्टेशन के पास प्रदर्शन किया।
नैनीताल क्षेत्र के काठगोदाम, हल्द्वानी, रानीखेत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, काशीपुर, रामनगर, रुद्रपुर की 50 से अधिक बसें रोजाना दिल्ली रूट पर चलती हैं। आनंद विहार स्टापेज होने के कारण 35 बसों को पास ही विनोदनगर स्थित पार्किंग में खड़ा किया जाता रहा है। लेकिन मंगलवार से यह व्यवस्था बदल गई। इससे आनंद विहार में देर शाम तक चालक-परिचालक परेशान रहे।
जोखिम भरा हुआ बस चलाना : यात्रियों को सुरक्षित सफर कराने वाले चालक-परिचालकों के लिए रातभर सफर करने के बाद आराम बेहद जरूरी है। एमवी एक्ट में चालक के वाहन चलाने की अवधि तय है। ऐसे में चालक सोएंगे नहीं तो यह स्थिति यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकता है। इधर, आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे पर तैनात उत्तराखंड रोडवेज के इंचार्ज ने बताया कि नया पार्किंग स्थल तलाश जा रहा है। सराय काले खां के पास जमीन देखी है। जहां बसें खड़ी की जाती थीं, उस पाकिंग स्थल वाले ने पूर्व में ही स्थान उपलब्ध न होने की जानकारी दी थी।