डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिला बनाओ संघर्ष समिति का शिष्टमंडल डीडीहाट जिले की मांग के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलने देहरादून गया है। इधर जिले की मांग को लेकर लोगों का आंदोलन 25वें दिन भी जारी रहा।
रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठे पूरन सिंह देऊपा और गणेश कन्याल का स्वास्थ्य काफी गिर गया है। पूरन सिंह देऊपा का वजन चार से पांच किलो कम हो गया है। वहीं, जिला बनाओ संघर्ष समिति का पांच सदस्यीय शिष्टमंडल देहरादून गया है।
दून में शिष्टमंडल कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल के नेतृत्व में सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलेगा। देहरादून जाने से पहले शिष्टमंडल ने गांधी चबूतरे में महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
शिष्टमंडल में शामिल जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक लवि कफलिया का कहना है कि वह सीएम के पैतृक गांव हड़खोला से लाई गई मिट्टी में सिलिंग के पौधे को सीएम को भेंट करेंगे। शिष्टमंडल यमुनोत्री, रानीखेत और कोटद्वार जाकर जिला बनाओ संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेगा।
सीमांत के विकास के लिए जरूरी है डीडीहाट जिला
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। 1960 के दशक से चली आ रही डीडीहाट जिले की मांग डीडीहाट के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। डीडीहाट जिले में प्रस्तावित धारचूला व मुनस्यारी तहसीलें भारत, चीन और नेपाल सीमा के साथ जुड़ीं हैं।
जिले का गठन होने के बाद इन तहसीलों के विकास में तेजी आएगी। सरकार अगर डीडीहाट को जिला बनाती है तो सीमांत के विकास के लिए केंद्र से मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी होगी। अभी यह राशि पिथौरागढ़ के चार विकासखंडों में वितरित होती है।
बोले आंदोलनकारी-
डीडीहाट जिले का गठन क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीडीहाट जिले के गठन के लिए चलाए जा रहे आमरण अनशन में युवाओं का जोश देखने लायक है। अब सरकार को बिना देर किए डीडीहाट को जिला बना देना चाहिए। - पूरन सिंह देऊपा, आमरण अनशनकारी।
डीडीहाट जिला 15 अगस्त 2011 को सरकार ने बना दिया था लेकिन आज तक इस जिले में प्रशासनिक इकाईयों का गठन नहीं करना सरकार की जिले के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। सरकार को अपनी ही घोषणा का पूरा करना होगा। - गणेश कन्याल आमरण अनशनकारी।
डीडीहाट जिला हमेशा से राजनीति का शिकार हुआ है। 1960 के दशक से डीडीहाट जिले की मांग को उठाने वाले कई आंदोलनकारी अब नहीं रहे है। इस बार युवाओं ने जिला गठन को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। - प्रकाश बोरा आमरण अनशनकारी।