धारचूला के दारमा घाटी से वापस लौटती स्वास्थ्य विभाग की टीम। (संवाद न्यूज एजेंसी)
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धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी में स्थित उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम बंद रास्तों की परवाह किए बिना कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण करने में जुटी है। इसके लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी खासी रुचि दिखाई।
जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद प्रशासन ने 20 अगस्त को कोविड टीकाकरण के लिए दो महिलाओं सहित चार लोगों की स्वास्थ्य टीम को हेलिकॉप्टर से दारमा क्षेत्र में भेजा था। टीम टीकाकरण पूरा करने के बाद दो दिन से हेलिकॉप्टर का इंतजार करती रही लेकिन मौसम सही नहीं होने के चलते हेलिकॉप्टर क्षेत्र में नहीं जा पाया।
इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने पैदल लौटने का निर्णय लिया। पहाड़ी से गिरते बोल्डरों और मलबे के बीच स्वास्थ्य कर्मी क्षेत्र से लौट रहे हैं। ग्राम नांगलिग निवासी आमोद नगन्याल ने नांगलिग से विर्थिंग के खराब रास्ते पर स्वास्थ्य टीम की मदद की। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण करना उनका लक्ष्य है। वे किसी भी बाधा को पार कर लोगों का टीकाकरण करेंगे।