नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय का 17वां दीक्षांत समारोह मार्च के पहले सप्ताह में आयोजित होगा। विश्वविद्यालय ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली है। कुलाधिपति और राज्यपाल गुरमीत सिंह को पत्राचार भी किया है, विवि को उनकी संस्तुति का इंतजार है। इससे पूर्व दो बार कार्यक्रम तय होने के बाद स्थगित हो चुके हैं।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से पहले वर्ष 2021 मई और उसके बाद नवंबर में दीक्षांत समारोह का आयोजन करने के लिए तैयारियां की थी। उस दौरान विश्वविद्यालय की ओर से सभी संबंद्ध परिसरों, महाविद्यायलों और संस्थानों को पत्र भेज मेधावी छात्रों की सूची मांग ली थी। साथ ही कुलाधिपति और राज्यपाल गुरमीत सिंह को पत्र भेज संस्तुति मांगी गई। इसी बीच कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देख समारोह टल गया। अब एक बार फिर विवि ने कुलाधिपति गुरमीत सिंह को पत्राचार किया है।
साथ ही मार्च में समारोह के लिए संस्तुति मांगी है। इधर कुलपति प्रो. एनके जोशी ने बताया कि फिलहाल दीक्षांत समारोह में किसी विशिष्ट अतिथि के नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। जल्द कार्यक्रम तिथि और मुख्य अतिथियों के नामों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष करीब 25 हजार छात्र-छात्राओं को उपाधि दी जाएगी। कई मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिए जाएंगे।
पिछले वर्ष न्यायाधीश डॉ. चंद्रचूड़ और पद्मश्री डॉ. रावत को दी डीलिट की मानद उपाधि
नैनीताल। पिछले वर्ष हुए 16वें दीक्षांत समारोह में 38,581 विद्यार्थियों को डिग्रियां और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ और पद्मश्री डॉ. सौमित्र रावत को डीलिट की मानद उपाधि से नवाजा गया था। वहीं समारोह में खराब मौसम के चलते मुख्य अतिथि मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और टीवी इंडिया के रजत शर्मा समेत कई संकायों के डिग्रीधारी छात्र-छात्राएं समारोह में नहीं पहुंच सके थे।