मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने प्रदेशभर में सड़कों पर घूम रहे लावारिश पशुओं को गोशालाओं में आश्रय देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़कों को लावारिश पशुओं से मुक्त करने के लिए अधिकारियों को 10 दिन में समय सीमा के साथ कार्ययोजना बनाने को कहा।
बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव ने प्रदेश में गोशालाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक गोशालाओं का निर्माण शीघ्र किया जाए। जिससे लावारिश पशुओं को सड़कों से हटाकर गोशालाओं में शिफ्ट किया जा सके। शहरी क्षेत्रों में शहरी विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद के माध्यम से यह कार्य किया जाएगा।
लावारिश पशुओं के संरक्षण के लिए बजट की व्यवस्था मिसिंग लिंक से की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गोशालाओं को बड़ा बनाया जाए। जिससे आने वाले 10 से 15 सालों तक बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े। पूर्व में भेजे गए छोटी गोशालाओं के प्रस्तावों को वापस लौटाकर अगले एक हफ्ते में बड़ी गोशालाओं के प्रस्ताव मांगे जाएं। साथ ही प्रबंधन और निगरानी के लिए सिस्टम तैयार किया जाए। इस मौके पर सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एचसी सेमवाल, अपर सचिव अरूणेंद्र चौहान मौजूद थे।
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पशु परिवहन में नियमों का पालन करें : एसएसपी
निराश्रित पशुओं को गोशाला एवं अन्यत्र ले जाने पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। क्रूरता बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने जिले के सीओ व थाना प्रभारियों को पशुओं के परिवहन पर नजर रखने के साथ ही शासन की ओर से जारी एसओपी के अनुपालन के निर्देश दिए हैं। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि पूर्व में गो सदन आयोग की ओर से बताया कि गोवंश को परिवहन करने के दौरान क्रूरता बरती जा रही है। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं। निराश्रित गोवंश को गोसदनों तक पहुंचाने एवं लिफ्ट करने में पशु परिवहन एवं क्रूरता नियमों का अनुपालन जरूरी है। मातहतों को इसके लिए निर्देशित किया है।