हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन स्वामी राम कैंसर संस्थान को अपग्रेड कर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने का रास्ता साफ होने के बाद 250 पद सृजित करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इससे पहले अस्पताल में 152 पद स्वीकृत थे जिसकी नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। इनमें 10 डॉक्टरों को नियुक्ति भी मिल गई है। साथ ही कैंसर मरीजों का इलाज अत्याधुनिक मशीनों से होगा।
स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट को 103 करोड़ रुपये से वर्ष 2015 में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में उच्चीकृत करने की स्वीकृति मिली। सरकार की ओर से ब्रिडकुल को कार्यदायी संस्था बनाया गया था। निर्माण कार्य में 44 पेड़ आड़े आने के कारण वन विभाग की आपत्ति से मामला दो साल तक अधर में लटका रहा। अब पेड़ कटाने की मंजूरी मिलने से चार मंजिल भवन का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। कैंसर के इलाज के लिए जरूरी मशीनों की खरीद के साथ नए पद सृजित होंगे। स्वामी राम कैंसर अस्पताल और रिसर्च संस्थान के निदेशक डॉ. केसी पांडे ने बताया कि समय बीतने के साथ परियोजना की लागत और बढ़ सकती है। 250 पदों के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
नए उपकरणों के लिए 150 करोड़ रुपये के टेंडर होंगे
स्टेट कैंसर संस्थान में 120 बेड का वार्ड और आईसीयू की सुविधा देने की भी योजना है। यहां तीमारदारों के ठहरने के लिए रैन बसेरा भी प्रस्तावित है। डायग्नोस्टिक ब्लॉक में ब्लड बैंक, पैथोलॉजी लैब, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमस्ट्री लैब भी होगी। इससे रक्त आदि की जांच एक ही जगह पर हो सकेंगी। यहां न्यू क्लियर मेडिसिन समेत 31 विभाग होंगे। कैंसर मरीजों की थैरेपी के लिए सीटी सिमूलेटर आदि मशीनें आएंगी। रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड आदि जांचें भी की जाएंगी। इन उपकरणों की खरीद के लिए 150 करोड़ रुपये के टेंडर होंगे।
अनंतिम सूची में कोई आपत्ति नहीं, अब अंतिम प्रकाशन होगा