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Nainital News: कालाढूंगी में 150 मीटर गहरी खाई में गिरी बस, सात की मौत

Mon, 09 Oct 2023 02:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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रामनगर/हल्द्वानी। नैनीताल कालाढूंगी रोड पर घटगढ़ के पास पर्यटकों की एक बस खाई में गिर गई। हादसे में एक बच्चे और पांच महिलाओं समेत सात की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। यात्रियों के अनुसार बस में 31 लोग सवार थे जबकि अंग्रेजी के शिक्षक अनिल कुमार समेत चार लोग अन्य वाहन में थे। रात साढ़े दस बजे तक सुशीला तिवारी अस्पताल में 24 घायल पहुंच गए थे। इनके इलाज में टीम जुटी हुई थी। अनिल ने बताया कि वे दो दिन पहले घूमने आए थे। लौटते समय यह हादसा हुआ।
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जानकारी के अनुसार हिसार (हरियाणा) से सात अक्तूबर को शैक्षणिक भ्रमण के लिए शिक्षकों का दल नैनीताल पहुंचा था और वहां यूथ हॉस्टल में रुका था। यह दल न्यू मानव इंटरनेशनल स्कूल आर्यनगर, हिसार की बस और एक छोटे वाहन में सवार होकर पहुंचा था। बस शुक्रवार की शाम 7.30 बजे हिसार से चली थी और शनिवार को दिन में दो बजे नैनीताल पहुंच गई। रविवार को यह दल शाम 5.30 बजे नैनीताल से हिसार के लिए लौट रहा था। शाम को सवा छह बजे जिम कॉर्बेट म्यूजियम तिराहा से करीब 13 किमी पहले नलनी घटगढ़ के पास बस तीव्र मोड़ पर बस करीब डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

बस चालक कपिल ने बताया कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे जिस वजह से बस खाई में गिर गई। बस में सवार कई यात्री छिटक कर बाहर जा गिरे। खाई से यात्रियों की चीखपुकार सुनकर राहगीरों ने पास में पुलिस चौकी को सूचना दी। पुलिस के साथ ही स्थानीय ग्रामीण भी लोगों को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे। घायलों को रेस्क्यू करने के दौरान मंगोली गांव के इंदर पत्थर की चपेट में आने से घायल हो गया। पुलिस फोर्स दमकल और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कर घायलों को खाई से बाहर निकाला और कालाढूंगी सीएचसी पहुंचाया। घटना की सूचना बाद डीएम वंदना, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, एसडीआरएफ समेत प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। वहीं, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने खाई में घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया है। आरटीओ प्रवर्तन नंद किशोर ने बताया कि स्कूल बस का नंबर एचआर 38 ई 07824 है। जांच करने से पता चला कि वाहन की फिटनेस सही है और साथ ही कागज भी सही पाए गए हैं। नैनीताल एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को घायलों के रेस्क्यू में लगा दिया था। घटना स्थल के अलावा कालाढूंगी सीएचसी और एसटीएच में भी पुलिस मौजूद रही।
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ये हुए हैं घायल
घायल हिसार के नौलीकला और आर्य नगर के रहने वाले हैं। वे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें सोनाली(26), पूजा(26), मोनिका(31), मुस्कान(21), कमलप्रीत कौर(13), इशिता(5), विनिता(28), सोनिया(26), अमरजीत(31), रोमिला(59), रोगन सिंह(34), प्रियंका(32), सुनिता(34), अभिषेक(23), शिवेंद्र कौर(40), कपिल (36), अंकित(14), उर्मिला (35), करीना(23), सुमन(42), अंजलि(41), बिंटू(25), विनोद कुमार(14) और मीनू(5) शामिल हैं।

इनकी हुई मौत

पुष्पा, मनमीत, रामेश्वर, संगीता, ज्योति, पूनम और रविंद्र

देर रात तक 15 एंबुलेंस से 24 घायल पहुंचे एसटीएच
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में कालाढूंगी से रेफर होकर पहली एंबुलेंस रात 9.38 बजे पहुंची। इसके साथ ही देर रात तक कुल 15 एंबलेंस आ गईं। अस्पताल का पूरा स्टाफ घायलों की मदद करने और उपचार में जुट गया। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी, पीआरओ आलोक उप्रेती भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, पहली एंबुलेंस आने के बाद करीब 10 मिनट तक ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए इंतजार करना पड़ा।

कुछ समझ में नहीं आया कैसे हो गया हादसा : चालक कपिल
हल्द्वानी। बस चालक कपिल निवासी जिला हिसार ने बताया कि रास्ते में बस पूरी तरह से नियंत्रण में थी। बस भी पांच साल ही पुरानी है लेकिन हादसे के समय बस में प्रेशर खत्म हो गया। ब्रेक मारने की बहुत कोशिश की लेकिन ब्रेक नहीं लगा। उसने हैंड ब्रेक भी लगाए थे लेकिन बस नहीं रुकी। बताया कि उसके साथ व्रत सिंह दूसरा गोगन परिचालक थे। ये दोनों भी जिला हिसार के रहने वाले हैं। करीब 25 मिनट बाद लोग बचाने के लिए पहुंच गए थे।

स्कूल का स्टाफ था बस में

हल्द्वानी। न्यू मानव इंटरनेशनल स्कूल आर्यनगर के स्कूल स्टाफ ने सप्ताहांत में नैनीताल घूमने की योजना बनाई थी। बस में स्कूल के टीचर व अन्य स्टाफ था। और उन्हीं के बच्चे थे। घायलों ने बताया कि दो दिनों तक नैनीताल घूमते रहे। बहुत ही खुशी वाला माहौल था लेकिन किसी को नहीं पता था कि ये हादसा होगा।


बचाने वाले के पैर पर गिरा पत्थर
हल्द्वानी। हादसे वाली जगह के पास नलिनी गांव के रहने वाले इंद्र सिंह कोरंगा उम्र 43 साल को जैसे ही सूचना मिली वह तुरंत ही मौके पर लोगों को बचाने के लिए पहुंच गए। पुलिस और एसडीआरएफ टीम के साथ रस्सी के सहारे वह घायलों को बाहर निकालते रहे लेकिन बाद में एक पत्थर ऊपर से गिरा और उनके बाएं पैर में गंभीर चोट आ गई। तुरंत ही उनको भी किसी तरह बाहर निकाला गया। संभवत: उनके पैरे में फ्रैक्चर में आया है। उनके भांजे राहुल सिंह ने बताया कि उनके मामा इंद्र नैनीताल में एक होटल में नौकरी करते हैं। इसके अलावा गांव के धमेंद्र, संजय आदि लोगों ने भी मानवता की मिसाल दिखाते हुए घायलों को बाहर निकाला।

एसटीएच में पहुंचे सिटी सिटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी
हल्द्वानी। एसटीएच में घायलों को देखने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम पारितोष वर्मा, तहसीलदार सचिन पहुंचे। साथ ही कोतवाल हरेंद्र चौधरी भी अस्पताल में पुलिस के साथ मौजूद रहे। पुलिस भी घायलों की मदद करने में जुटी थी। जब एक के बाद एक एंबुलेंस अस्पताल में आ रहीं थीं तो अस्पताल में अन्य मरीजों के साथ आए तीमारदार भी घायलों की मदद करने लगे।
यात्री बोले हमें तो तब पता चला जब बस गिर गई
हल्द्वानी। घायलों ने बताया कि सब हंसी खुशी बस में जा रहे थे। अचानक से बस खाई की ओर मुड़ गई और बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया कि हादसा कुछ ही समय में हो गया था। ऐसा नहीं था कि बस चलने में पहले से ही दिक्कत दे रही थी।
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