नैनीताल। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की पहल रंग लाई तो भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल क्षेत्र स्मार्ट लेक सिटी के रूप में पहचाने जाएंगे। यहां से मिलने वाले राजस्व से प्राधिकरण लेक सिटी फंड भी स्थापित करेगा। फंड में जमा पैसे का उपयोग स्मार्ट लेक सिटी की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगा।
प्राधिकरण ने स्मार्ट लेक सिटी का खाका खींचा है। इन पिकनिक स्पॉट के सौंदर्यीकरण और अन्य कार्यों के लिए कई विभागों को कार्यदायी संस्था बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जरूरी सुविधाओं के एवज में प्राधिकरण सैलानियों से मामूली शुल्क वसूलेगा, जिसे लेक सिटी फंड में जमा किया जाएगा।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि नैनीताल में वाहनों के बढ़ते दबाव, पार्किंग संबंधी दिक्कतों और सीजन में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों का पर्यटन की दृष्टि से विकास जरूरी है। इसके लिए स्मार्ट लेक सिटी जैसी योजना पर अमल जरूरी है।
इधर, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय का कहना है कि स्मार्ट लेक सिटी योजना के धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र में पर्यटक गतिविधियों में कई गुना इजाफा होगा और इसका लाभ क्षेत्र के लोगों और पर्यटन कारोबारियों को मिलेगा।
विभागों के लिए प्रस्तावित कार्य
सिंचाई विभाग: तल्लीताल स्थित पंत पार्क का सौंदर्यीकरण, चिल्ड्रन पार्क का विकास, कैफे हाउस और बोट स्टैंड का निर्माण। पंडित दीन दयाल उपाध्याय पार्क का सौंदर्यीकरण, भीमताल-हल्द्वानी रोड के बीच बोट स्टैंड, फोटो शूट प्वाइंट निर्माण। भीमताल झील के पूर्व में पार्क का सौंदर्यीकरण, गार्डन निर्माण, प्रकाश व्यवस्था व भीमेश्वर मंदिर का सौंदर्यीकरण। चनौती, कमलताल, शिलौटी का सौंदर्यीकरण, पार्किंग, फोटो शूट व कैफे प्वाइंट का विकास, गार्डन व विश्राम स्थल का निर्माण। नल-दमयंती ताल का सौंदर्यीकरण, सातताल के चारों ओर साइकिल और पैदल पथ निर्माण।
नगर पंचायत भीमताल: डांठ, पंत पार्क, थाने के पास और कार पार्किंग में सार्वजनिक शौचालयों का जीर्णोद्धार, भीमताल व नौकुचियाताल झील के चारों ओर प्रकाश और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था।
जिला विकास प्राधिकरण: पंत पार्क के पास व मत्स्य विभाग की भूमि में पार्किंग निर्माण, एक्वेरियम के दोनों ओर इलेक्ट्रानिक साइन बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था व साफ सफाई, एक्वेरियम के पास फ्लोटिंग रेस्टोरेंट निर्माण, भीमताल उप कार्यालय से लगे रिक्त स्थल का विकास, पार्किंग स्थल सुधारीकरण, भीमताल झील में म्यूजिकल फाउंटेन एवं डासिंग फ्लोर निर्माण, चनौती में फ्लोटिंग जेटी विस्तार, पार्किंग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट व म्यूजिकल फाउंटेन की स्थापना। सातताल में मुख्य मार्ग व झील के आसपास का सौंदर्यीकरण, टिन शेड वाली दुकानों के स्थान पर व्यवस्थित बाजार की स्थापना, पार्किंग स्थल विकास।
लोनिवि अस्थायी खंड भवाली: हल्द्वानी-भीमताल रोड चौड़ीकरण व इलेक्ट्रानिक साइन बोर्ड स्थापना, भीमताल झील के चारों ओर के मार्ग का जीर्णोद्धार, भीमताल-नौकुचियाताल रोड का विस्तार, सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट व छोटे पार्किंग स्थल निर्माण। ठंडी सड़क को नौकुचियाताल मार्ग को जोड़ने का काम, नौकुचियाताल क्षेत्र के मार्गों का जीर्णोद्धार/चौड़ीकरण व छोटे पार्किंग स्थल विकास। सातताल में मुख्य मार्ग का सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था।
वन विभाग: सातताल में बॉटनिकल गार्डन निर्माण, झीलों को जोड़ने वाले मार्गों पर व्यू प्वाइंट निर्माण।
पर्यटन व साहसिक पर्यटन विभाग: सातताल झील में एडवेंचर टूरिज्म का विकास, बंजी जंपिंग यूनिट निर्माण व संचालन, भरत ताल के पास वर्ड वाचिंग स्थल क्षेत्र का विकास, सातताल के चारों ओर साइकिलिंग ट्रैक व पैराग्लाडिंग विकास।
पुलिस विभाग: सातताल स्थित पुलिस चौकी की स्थापना संबंधी कार्य, थानों व चौकियों का आधुनिकीकरण, जब्त व लावारिस वाहनों को हटाने की कार्यवाही। सभी पर्यटन क्षेत्रों में सीजन में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था।
लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग: हल्द्वानी-नैनीताल, हल्द्वानी-भीमताल, हल्द्वानी-गेठिया व हल्द्वानी भवाली रोड में व्यू प्वाइंट निर्माण व झीलों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों में शहर से लगते दो किमी तक प्रकाश व्यवस्था।
कुमाऊं मंडल विकास निगम नैनीताल: पर्यटक आवास गृहों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
मत्स्य विभाग: विभागीय एक्वेरियम का विस्तार/प्रचार एवं पर्यटन के साथ समन्वय
उद्यान विभाग: भीमताल व सातताल में उद्यानों की स्थापना, जड़ी-बूटी पार्क विकास की योजना का क्रियान्वयन
जलसंस्थान: समूचे क्षेत्र में पेयजल योजना का सुदृढ़ीकरण
एडीबी: संपूर्ण पर्यटन कार्य योजना में भूमिका निर्धारित करना, विभाग के पास मौजूद परियोजनाओं एवं उपलब्ध बजट के उपयोग पर चर्चा
टाउन प्लानिंग: महायोजना के अनुसार योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में सहयोग
ऊर्जा निगम: पर्यटन संबंधी योजनाओं के दृष्टिगत सुंदर एवं सुरक्षित विद्युतीकरण कार्य