हल्द्वानी बेस अस्पताल को सर्जिकल ऑपरेशन की जरूरत है। बी-ब्लाॅक के भवन के छज्जे से सरिया झांकती दिख रहीं हैं, जबकि अस्पताल परिसर की सड़क की हालत ऐसी है कि अगर ध्यान भटका तो अस्पताल में ही भर्ती होने की नौबत आ जाएगी।
बेस अस्पताल को सर्जिकल ऑपरेशन की जरूरत है। बी-ब्लाॅक के भवन के छज्जे से सरिया झांकती दिख रहीं हैं, जबकि अस्पताल परिसर की सड़क की हालत ऐसी है कि अगर ध्यान भटका तो अस्पताल में ही भर्ती होने की नौबत आ जाएगी। डॉक्टर को दिखाना हो तो घंटों लाइन में लगना मजबूरी है। भर्ती होना पड़े तो बदबूदार शौचालय का सामना करना हर किसी के वश की बात नहीं।
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बेस अस्पताल में भर्ती वाले बी और सी-ब्लाक के भवन पुराने हैं, इस भवन को बने करीब चार दशक हो चुके हैं। यह भवन जर्जर हो चुके हैं। बी-ब्लाक में छज्जे बने हैं, उसमें कई सरिया बाहर दिखाई दे रही हैं। भवन में जगह-जगह सीलन है और प्लास्टर उखड़ा हुआ है। अस्पताल परिसर की सड़क की हालत और भी खराब है। इस सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इसके अलावा ब्लाॅक की दूसरी मंजिल पर जाने के लिए जो सीढि़यां हैं, उन्हें भी मरम्मत की दरकार।
क्या कहता प्रबंधन
बेस अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सविता ह्ययांकी का कहना है कि भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा रैंप बनाने से जुड़े कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग को कहा गया है। सड़क और सुरक्षा दीवार के लिए बजट आ गया है, इसका कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
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शौचालय भी बदहाल
अस्पताल के शौचालय भी बदहाल हैं। उनके सामने से गुजरने पर दुर्गंध की वजह से नाक पर रुमाल रखना पड़ता है। मरीज और तीमारदार परेशान हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों, तीमारदारों के अलावा बाहरी लोग भी यहां आ जाते हैं। व्यवस्था में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।