कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व की अदनाला रेंज में 31 अक्तूबर को बाघ ने हाथी के बच्चे को घायल कर दिया था। घायल हाथी के बच्चे का कालागढ़ के हाथीशाला में उपचार चल रहा था, जिसकी सोमवार शाम को मौत हो गई।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि हाथी के बच्चे की उम्र दो महीने थी, जिसका उपचार वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. दुष्यंत शर्मा की देखरेख में किया जा रहा था। हाथी के बच्चे के आगे के पैर व कंधे के जोड़ पर गहरी चोट थी, जिसका इलाज किया जा रहा था।
26 नवंबर की रात अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण सोमवार शाम करीब चार बजे हाथी के बच्चे ने दम तोड़ दिया। हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद विसरा व आंतरिक अंगों के सैंपल की जांच के लिए आईवीआरआई इज्जतनगर बरेली भेजा गया।
इस मौके पर कॉर्बेट के उपनिदेशक डाॅ. दिगांथ नायक, एसडीओ कालागढ़ डाॅ. शालिनी जोशी, नंद किशोर रूवाली, एनजीओ के सदस्य विरेंद्र अग्रवाल, डिप्टी रेंजर नंदन सिंह अधिकारी मौजूद रहे।
पंपापुरी में दो तेंदुओं की लड़ाई
रामनगर के पंपापुरी क्षेत्र में दो तेंदुओं के बीच हुई लड़ाई को देख मोहल्ले के लोग दहशत में है। उनकी मांग है कि दोनों तेंदुओं को पकड़कर वहां से हटाया जाए। वहीं वनकर्मियों ने गश्त बढ़ा दी है और क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे है। जंगल से सटे पंपापुरी में बाघ और तेंदुओं की दस्तक बढ़ गई है। बताया गया कि सोमवार सुबह दो तेंदुए हल्दू के पेड़ में लड़ाई करते हुए दिखाई दिए।
स्थानीय निवासी उषा पटवाल ने बताया कि दो दिन पूर्व तेंदुए ने एक गाय को भी मारा है। इससे लोग खासे डरे हुए हैं। उषा पटवाल ने वन विभाग से जल्द इन दोनों तेंदुओं को पकड़कर वहां से हटाने की मांग की है। रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज कार्यालय के प्रभारी वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि पंपापुरी क्षेत्र में झाड़ियों को काटा जा रहा है। बाघ व तेंदुए को देखते हुए क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों को सतर्क रखने के अलावा जागरूक किया जा रहा है।