हल्द्वानी। स्वास्थ्य महकमे का कोविड कॉल में स्वास्थ्य सेवाओं में अमूल चूल परिवर्तन का दावा किया गया। उपकरण से लेकर अन्य सुविधाओं को उपलब्धियों के तौर पर गिनाया गया मगर ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले को छोड़कर पहाड़ के चार जिलों में वेंटीलेटर धूल फांक रहे हैं और मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहीं वेंटीलेटर संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है तो कहीं वेंटीलेटर ट्रामा सेंटर के इंतजार में पड़े हुए हैं।
ऊधमसिंह नगर में 20 वेंटीलेटर कोविड अस्पताल में लगाए गए हैं। 13 वेंटीलेटर गंभीर मरीजों के लिए जिला अस्पताल के आईसीयू में लगाया गया है। नैनीताल में 78 वेंटीलेटर सुशीला तिवारी अस्पताल में लगे हैं जबकि छह वेंटीलेटर सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के आईसीयू में प्रयोग हो रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं डॉ. शैलजा भट्ट का कहना है कि वेंटीलेटर सभी जिलों में कोविड कॉल के दौरान आए हैं। इनका प्रयोग जल्द से जल्द कराया जाएगा। जहां स्टाफ की कमी उसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने कहा कि एसटीएच में कुछ विभागों में मशीनें खराब हैं और इनको ठीक कराने के लिए कहा गया है। साथ ही केमिकल मंगा करके जांचें जल्द शुरू करने को कहा गया है।
अल्मोड़ा: बेस अस्पताल, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में कुल 31 वेंटीलेटर हैं। 25 वेंटीलेटर इंस्टाल किए गए हैं मगर एक भी वेंटीलेटर प्रयोग में नहीं आ रहा है। वेंटीलेटरों के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ नहीं है।
बागेश्वर: बागेश्वर में छह वेंटीलेटर जिला अस्पताल में लगा दिए गए हैं। आज तक इनका प्रयोग नहीं किया गया है। वेंटीलेटर संचालन के लिए स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। स्टाफ की कमी के चलते गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
चंपावत। चंपावत जिले में तीन अस्पताल में नौ वेंटीलेटर लगाए गए हैं। इनमें एक भी चालू हालत में नहीं है। वेंटीलेटर के संचालन के लिए सीएमओ ने अस्प्ताल के प्रभारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा है।
पिथौरागढ़: जिले में 39 वेंटीलेटर हैं। जिला अस्पताल में14 वेंटीलेटर में छह चालू है और आठ खराब पड़े हैं। 25 वेंटीलेटर ट्रामा सेंटर की स्थापना के बाद लगाए जाएंगे।
जिला वेंटीलेटरों की संख्या
अल्मोड़ा 38
पिथौरागढ़ 06
बागेश्वर 06
चंपावत 09
यूएस नगर 36
नैनीताल 84
जांच की मशीनों को सर्जरी की जरूरत
नई सीटी मशीन लग नहीं सकी, ईएनटी में अधिकतर मशीन खराब, दंत रोग
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में भी कई विभागों में मशीनें होने के बाद भी जांचें नहीं हो पा रही हैं। एमआरआई को लेकर सामान्य मरीजों को एक से दो महीले की तिथि दी जा रही है। सीटी स्कैन मशीन अकसर खराब हो जाती है और नई सीटी स्कैन मशीन अभी तक नहीं लग सकी है। ईएनटी बैरा, ओएई और आडियोमीटर मशीन खराब पड़ी है। साथ दंत रोग विभाग में ओपन माउथ व्यू की जांच भी मशीन खराब होने के कारण नहीं हो पा रही है। फिलिंग मैटीरियल भी नहीं है। पैथालॉजी और बायोकेमस्ट्री लैब में केमिकल न होने से जांचें नहीं हो पा रही हैं।