रामनगर। राज्य आंदोलनकारियों ने मोहन स्थित आईएमपीसीएल फैक्टरी को निजी हाथों में सौंपने पर कड़ा विरोध जताया है। यह भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की एकमात्र आयुर्वेदिक व यूनानी दवा कंपनी है।
आंदोलनकारियों ने बृहस्पतिवार को लखनपुर में एक बैठक की। इसमें धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि कंपनी मुनाफा दे रही थी। इसके बावजूद मोदी सरकार ने इसे एक निजी कंपनी को कौड़ी के दामों पर बेच दिया। इस कदम से स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के रोजगार पर संकट आ गया है। किसानों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ा है। आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। यहां प्रभात ध्यानी, चंद्रशेखर जोशी, इंद्र सिंह मनराल, अनिल अग्रवाल खुलासा, हाफिज सईद अहमद,नवीन नैथानी आदि मौजूद थे।