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अमेरिकी कंपनी एचपी का प्लांट तीन महीने से बंद

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मनोज भट्ट
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हल्द्वानी। विश्व की जानी मानी कंप्यूटर निर्माता कंपनी एचपी का सिडकुल स्थित प्लांट कोविड के चलते पिछले तीन महीने से बंद है। इस बीच कुछ कर्मचारियों को चेन्नई के प्लांट में भेज दिया गया है। कर्मचारियों को आशंका है कि कहीं यहां का प्लांट बंद न कर दिया जाए या थर्ड पार्टी को न सौंप दिया जाए। फिलहाल घर बैठे हुए भी कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है लेकिन वह प्लांट और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। दूसरी तरफ कंपनी प्रबंधन कोविड के कारण मांग नहीं होने और चीन से पुर्जे नहीं आने के चलते प्लांट बंद होने की बात कह रहा है।
लैपटॉप-डेस्कटॉप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी हैवलैट पैकर्ड (एचपी) का पंतनगर सिडकुल में साल 2007 में स्थापित प्लांट पिछले तीन माह से बंद है। एचपी का एक और प्लांट पिछले साल ही चेन्नई में लगा है। सिडकुल स्थित प्लांट में इलेक्टॉनिक गैजेट्स का उत्पादन ठप होने से 220 पक्के कर्मचारी घर बैठे हैं। सूत्रों के अनुसार प्लांट कभी भी बंद हो सकता है या थर्ड पार्टी को दिया जा सकता है जो अपनी शर्तों के साथ प्लांट को चलाएगी। प्लांट से कुछ कर्मचारियों का तबादला चेन्नई प्लांट में कर दिए जाने से भी इस संभावना को बल मिला है। प्रबंधन प्लांट खुलने के बाबत स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कोई भी सूचना मिलने पर कर्मचारियों को बताया जाएगा।
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हर महीने तीन लाख डेस्कटॉप और लैपटॉप होते थे तैयार
हल्द्वानी। पूरी श्रम शक्ति के साथ प्लांट चलने और पर्याप्त मांग होने पर इस प्लांट में हर माह तीन लाख डेस्कटॉप और लैपटॉप तैयार होते थे। पिछले साल अक्तूबर से मांग कम होने के कारण उत्पादन कम होता चला गया। जनवरी में उत्पादन गिरकर दस फीसदी तक आ गया था। जनवरी से फरवरी के बीच केवल दस से 15 हजार सिस्टम ही कंपनी में एसेंबल हो रहे थे।
चीन से आता है कच्चा माल
हल्द्वानी। सिडकुल स्थित एचपी कंपनी में चीन से कच्चा माल आता है। चीन से यहां पहुंचने वाले पार्ट्स कंपनी में एसेंबल होते हैं। उसके बाद उत्पाद तैयार कर विश्वभर में इन्हें भेजा जाता है। जानकारों के अनुसार, पिछले दो साल में कोरोना का प्रकोप बढ़ने के कारण चीन से कच्चे माल की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। इस कारण एचपी के अन्य प्लांट में भी उत्पादन प्रभावित हुआ है।
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हमारे पास वर्तमान में मांग नहीं है, इसलिए उत्पादन गिर गया है। कोविड के चलते कंपनी कर्मचारियों के हित में प्लांट को बंद किया गया है। कर्मचारी को पूरे महीने का वेतन दिया जा रहा है। कंपनी के यहां से शिफ्टिंग बाबत कोई जानकारी अभी नहीं है। किसी भी कर्मचारी ने स्वैच्छिक पृथक्करण स्कीम (वीआरएस) का लाभ नहीं लिया है। कर्मचारियों के हित में ही फैसला लिया जाएगा। नीतिगत फैसले हेड ऑफिस से ही होते हैं।
-राजेश गौतम, एचआर हेड एचपी
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