हल्द्वानी के देवखड़ी नाले में 11 जुलाई की रात बहे काठगोदाम निवासी पेट्रोल पंप कर्मचारी 40 वर्षीय आकाश सिंह का शव पांचवें दिन तेजपुर नेगी के जंगल में मिला। बकरी चराने गई महिला ने शव को देखा। शव मिट्टी में दबा हुआ था। सूचना पर पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई। शिनाख्त के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
सोमवार को जयपुर बीसा निवासी एक महिला जंगल में बकरी चराने गई थी। उसे जंगल के अंदर दुर्गंध आई तो उसने सिंचाई नहर में देखा तो शव दिखाई दिया। उसने दोपहर करीब 12:40 बजे पुलिस को ने फोन पर जंगल में शव पड़े होने की सूचना दी। इसके बाद सीओ हल्द्वानी नितिन लोहनी, काठगोदाम चौकी प्रभारी फिरोज आलम समेत पूरी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मुख्यमार्ग से करीब एक किमीटर अंदर सिंचाई नहर में शव पड़ा था। टीम ने शव को निकाला और आकाश के परिजनों को बुलाया। मौके पर ही आकाश के बहनोई ने शव के बाएं हाथ पर बने बाज के टैटू और काली पैंट से शिनाख्त की। इसके बाद शव को मोर्चरी भिजवा दिया गया। यहां पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया।
मौत की खबर सुनते ही परिवार मोर्चरी पहुंचा
आकाश की पत्नी सत्या, तीनों बेटियां, पिता और बहनें भाई के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को शव मिलने और मृतक की शिनाख्त आकाश के तौर पर होने की पुष्टि होते ही पूरे परिवार की उम्मीदें एक ही पल में टूटकर बिखर गईं। पति के दुनिया में न रहने की बात सुनते ही आकाश की गर्भवती पत्नी सत्या बेसुध हो गईं। उधर परिजन मोर्चरी पहुंचे। यहां शव को देखकर सब रोने लगे।
यह थी घटना
आकाश नैनीताल रोड स्थित पेट्रोल पंप से ड्यूटी करके अपनी बुलेंट में बैठकर घर लौट रहा था। करीब 10:30 बजे देवखड़ी नाला उफान में आया था। आकाश ने ध्यान नहीं दिया कि पानी अधिक है। नाला पार करने के दौरान वह बुलेट सहित बह गया। बुलेट तो नाले के कुछ दूर मिल गई। लेकिन आकाश का शव नहीं मिला। शव ढूंढ़ने के लिए पांच दिन नगर निगम, पुलिस और एसडीआरएफ लगातार सर्च अभियान चलाए हुई थी।
प्रशासन ने परिजनों को चार लाख रुपये का चेक सौंपा
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई, तहसीलदार सचिन कुमार शाम चार बजे मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढ़ाढ़स बधाया। इसके बाद प्रशासन की ओर से परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया।