पिथौरागढ़। आखिरकार सौन पट्टी क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों में खेतों का सूखा खत्म हुआ है। 14 साल बाद जिले की सबसे बड़ी सिंचाई नहर में पानी चलने से क्षेत्र के किसानों में खुशी है। यह नहर क्षतिग्रस्त हो गई तो किसी ने इसकी तरफ देखने की जरूरत नहीं समझी। लंबे संघर्षों के बाद इस नहर का सुधारीकरण हुआ तो जमतड़ी तक पानी पहुंचा है।
सौन पट्टी क्षेत्र के क्वीतड़, जमतड़ी, क्वीगांव, मझेड़ा, गुरुमतोली, बंपाटा, सिमायती सहित 10 से अधिक गांवों में खेतों की सिंचाई के लिए करीब 70 वर्ष पूर्व 10 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया गया। नहर बनने से खेतों तक पानी पहुंचा तो किसानों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। करीब 10 वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त होने से नहर में पानी बंद हो गया तो किसी ने इसकी तरफ देखने की जरूरत नहीं समझी।
सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला तो क्षेत्र के किसानों में निराशा छा गई और आबाद खेत बंजर होने लगे। ग्रामीणों की दिक्कत को देखते हुए विधायक मयूख महर ने इस मामले को विधानसभा में उठाया तो सिस्टम जागा। वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने भी शासन तक किसानों की दिक्कत पहुंचाई। क्षतिग्रस्त नहर के सुधारीकरण के लिए 1.44 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। सुधारीकरण होने से बीते दिनों नहर में पानी चला तो क्षेत्र के लोग खुशी से झूम उठे। क्षेत्र के लोगों ने विधायक मयूख महर और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी का आभार जताया है।
सिंचाई के लिए पानी मिलेगा तो रुकेगा पलायन
सौन पट्टी के ये गांव नेपाल सीमा पर बसे हैं। यहां के ग्रामीणों की आजीविका का स्रोत कृषि है। सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसानों को खेती करने में उचित लाभ नहीं मिल रहा था। हालात यह थे कि क्षेत्र के लोग खेती छोड़ रोजगार के लिए पलायन करने के लिए मजबूर थे। विधायक मयूख महर ने कहा कि सिंचाई के लिए पानी पहुंचने से किसानों को अपनी मेहनत का उचित फल मिलेगा। वहीं इससे पलायन भी रुकेगा।
कोट
क्षेत्र के लोगों की दिक्कत को देखते हुए सिंचाई नहर के सुधारीकरण के लिए बजट की मांग की गई थी। नहर में पानी चलने से इसका लाभ क्षेत्र की बड़ी आबादी को मिलेगा। जनता की समस्याओं का समाधान मेरा दायित्व है। - मयूख महर, विधायक, पिथौरागढ़
फोटो-15 पीटीएच 17 पी-क्वीतड़ नहर में चला पानी। स्रोत : ग्रामीण