बागेश्वर। टकनार में चल रहे देवी भागवत कथा में कथावाचक शेखर चंद्र पाठक ने कहा देवी भगवती एक हैं लेकिन उनके रूप कई हैं। इन्हीं में से सरस्वती भी एक हैं। विद्यालय की पढ़ाई के साथ ही सत्संग से ज्ञान की ज्योति जलती है। ज्ञान प्राप्त होने से जीवन धन्य हो जाता है।
इस मौके पर महिलाओं ने जै माता दुर्गा भवानी... सच्ची है तू सच्चा तेरा दरबार माता...समेत कई भजन प्रस्तुत किए। आयोजकों ने श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा। वहां पंडित दीपक पाठक, गणेश जोशी, हरीश जोशी, नरेश पंत, प्रकाश पंत ने दुर्गा सप्तशती का पाठ, गायत्री जप और रुद्री पाठ किया।