हल्द्वानी। गांवों के वीरान होने और पलायन की पीड़ा का सच एक बार फिर सामने आया है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले जिला निर्वाचन विभाग ने जिले में वोटरों की संख्या का लेखाजोखा जुटाना शुरू किया तो जिले में 19 गांवों ऐसे मिले जो वीरान पडे़ हैं। वहां एक भी वोटर नहीं है। जिला निर्वाचन विभाग ने अब इन्हें गैर आबादी गांव घोषित किया है।
पहाड़ से पलायन किसी से छिपा नहीं है। यह अलग बात है कि शासन-प्रशासन में बैठे लोग पलायन रोकने के लिए कई योजनाएं और सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करते हैं लेकिन कई गांव ऐसे हैं जहां कोई रहता ही नहीं। कोई रोजगार तो कोई अन्य कारणों से शहर का रुख कर चुका है। कुछ ही गांव हैं जहां खेती हो रही है अन्य में जंगल उग आए हैं।
तहसीलवार गैर आबादी वाले गांव
कालाढूंगी: शिवलालपुर पांडे
रामनगर: लालढांग खाम, लालढांग बंदोबस्ती
हल्द्वानी: मुखानी खड़कू, चोरगलिया जोस्यूडा
लालकुआं: हरिपुर सिंह मदन सिंह
नैनीताल : कभणा, गैराणी
धारी/खनस्यू: ब्यूरा
कोश्याकुटोली: बजेरा, धनियाखान मल्ला, खलेजर, भगुडा, सिमलखां, नैनीचक
बेतालघाट: खैराली चकपातल, राजसेरा, ओडाडागर, रौलिय लग्गा नैनीचक, हल्सो लग्गा बोरोसीर
उपजिला निर्वाचन अधिकारी अशोक जोशी का कहना है कि नैनीताल जिले के 19 गांवों में कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है। इनमें से कुछ गांवों में खेती तो कुछ गांव वीरान पड़े हैं।
जिले में आर्म्ड फोर्स के 5488 जवान हैं मतदाता
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में 5488 सर्विस मतदाता हैं। ये सभी मतदाता आर्म्ड फोर्स से जुड़े हुए हैं। जिला निर्वाचन विभाग नामांकन के बाद इन मतदाताओं को मतदान करने के लिए मतपत्र भेजेगा।
नामांकन के सात दिन पहले तक बन सकते हैं वोटर
हल्द्वानी। आपकी वोटर आईडी नहीं बनी है और आपकी उम्र 18 वर्ष या इससे अधिक है तो आप भी मतदाता सूची में अपना नाम चढ़ा सकते हैं। उपजिला निर्वाचन अधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जुड़ाने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि से सात दिन पहले तक आवेदन किया जा सकता है।