हल्द्वानी/नैनीताल। 15 जून को कैंचीधाम में लगने वाले मेले एवं अन्य जल जनित रोगों के बचाव के लिए आईडीएसपी की टीम ने शुक्रवार को दोगांव से गरमपानी तक प्राकृतिक जल स्रोतों के सैंपल भरे। इसमें टीम ने करीब 10 अलग-अलग जल स्रोतों से पानी के सैंपल भर बैक्टीरियोलॉजीकल समेत अन्य परीक्षण किए। जिसमें पानी पीने योग्य पाया गया। साथ ही पाया गया कि आठ में से चार स्थानों पर जल स्तर पिछले वर्ष की अपेक्षा गिरा है।
15 जून में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कैंची मंदिर पहुंचेंगे। बहुत से लोग हल्द्वानी और गरमपानी की ओर से पैदल यात्रा भी करेंगे और रास्तों के प्राकृतिक जलस्रोतों से अपनी प्यास बुझाएंगे। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को सीएमओ डॉ.भारती राणा ने सीएमओ कार्यालय में बैठक ली और आईडीएसपी कर्मियों को दोगांव से गरमपानी तक प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की जांच के निर्देश दिए। संक्रामक रोग विश्लेषक नंदन कांडपाल ने बताया कि डोलमार, दोगांव, ज्योलीकोट, वीरभट्टी, भूमियाधार, कैंचीधाम, गरमपानी एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी के सैंपल लिए गए थे, जिनका बैक्टीरियोलॉजीकल और अन्य परीक्षण किया गया। सभी स्थानों का पानी पीने योग्य पाया गया, जबकि दोगांव, ज्योलीकोट, ज्योलीकोट पुलिस चौकी और कैचीधाम परिसर के जल स्तर में पिछले वर्ष की अपेक्षा गिरावट दर्ज की गई है।
दोगांव से गरमपानी तक पेयजल स्रोतों के सैंपल लिए
आठ में से चार स्थानों पर पिछले वर्ष की अपेक्षा जल स्तर में पाई गई गिरावट
जांच में पीने योग्य पाया गया सभी स्रोतों का पानी