हल्द्वानी। फायर सीजन में कुमाऊं में सैकड़ों एकड़ जंगल जल गए, लेकिन पेड़ नहीं जले। वन विभाग की फायर रिपोर्ट यही बता रही है। कुमाऊं में मात्र दो ही रेंजों ने बताया है कि उनके यहां पेड़ जले हैं। फरवरी से अब तक कुमाऊं में सिर्फ 52 पेड़ ही जले हैं।
कुमाऊं में पिथौरागढ़ से लेकर ऊधमसिंह नगर तक कुल 14 वन प्रभाग हैं। यहां 750948.652 हेक्टेयर में जंगल फैला है। फरवरी से जून तक फायर सीजन माना जाता है। इस दौरान जंगल की आग की घटनाओं की रिपोर्ट प्रत्येक रेंज मुख्यालय को देते हैं। इस बार जंगल की आग की रिपोर्टिंग में वन विभाग के प्रत्येक रेंज ने गजब कर दिया। रेंज अफसरों ने यह तो बताया कि उनके यहां 1604.73 हेक्टेयर जंगल में आग लगी, लेकिन यह नहीं बताया कि आग से कितने पेड़ जले।
गजब रिपोर्ट : जंगल जल गए, पेड़ बच गए
वनाग्नि से दो रेंजों ने 52 पेड़ जलने की दी है रिपोर्ट
इस साल आग से 1604.73 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं
दो रेंजों ने बताया कितने पेड़ जले
फायर सीजन में केवल वन प्रभाग के बरहैनी रेंज और टांडा रेंज ने अपने यहां पेड़ जलने की रिपोर्ट दी है। बरहैनी में 17 मई को लगी आग में 35 पेड़ जले और टांडा रेंज में अप्रैल में सात पेड़ जलने की रिपोर्ट दी गई। इसके अलावा कुमाऊं के किसी भी रेंज से पेड़ जलने की सूचनाएं नहीं दी गईं।
हल्द्वानी और भाखड़ा रेंज में लगी थी आग
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी, भाखड़ा रेंज के जंगल में बीते दिनों आग लगी थी। इस दौरान कई पेड़ जले थे। यहां कई सूखे पेड़ अब भी जले पड़े हैं, लेकिन यहां से कोई पेड़ जलने की रिपोर्ट सीसीएफ कुमाऊं को नहीं दी गई।
आग से अब तक नुकसान
कुमाऊं के जंगल में शुक्रवार तक 1041 स्थानों पर आग लगी। इससे 14 वन प्रभागों में 1604.73 हेक्टेयर जंगल जला है। वन पंचायतों और सिविल सोयम में आग की 212 घटनाओं में 399.4 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा। अब तक 3212709 रुपये का नुकसान हो चुका है।
शुक्रवार को 68 स्थानों पर लगी आग
कुमाऊं में शुक्रवार को 68 स्थानों पर जंगल जले। इससे 152.30 हेक्टेयर जंगल जला। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज, हल्द्वानी के छकाता रेंज, डांडा, नैनीताल के मनोरा, बड़ौन, डोलमार, दक्षिणी गोला, अल्मोड़ा के सोमेश्वर, धौलछीना, बाडे़छीना, जौरासी, अल्मोड़ा, बागेश्वर के गड़खेत, सिविल सोयम अल्मोड़ा के जागेश्वर, चंपावत के भिंगराड़ा, पिथौरागढ़ के अस्कोट के जंगल में आग लगी।
फारेस्ट फायर की रिपोर्ट लगातार आ रही है। रेंजों से पेड़ जलने की रिपोर्ट कम मिली हैं। खडेे़ पेड़ जलने की संभावना कम रहती है। अगर गिरे पेड़ जल रहे हैं तो सभी रेंजों को आग की पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए जाएंगे। जिससे नुकसान का सही पता चल सके। -डॉ. विवेक पांडे, सीसीएफ कुमाऊं