नैनीताल। जिले में हो रहा भूस्खलन जापानी तकनीक से रुकेगा। भूस्खलन के कारण और बचाव पर शोध करने के लिए जापान से इंजीनियरों की टीम जिले में पहुंच रही है। टीम जिले में चिन्हित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। शोध नतीजे आने के बाद वन विभाग के अधिकारी प्रशिक्षण लेने के लिए जापान जाएंगे।
भूस्खलन की दृष्टि से जिला संवेदनशील है। भूस्खलन जिले की एक बड़ी समस्या है और इसे रोकना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। भूस्खलन की समस्या से निपटने के लिए वन विभाग लंबे समय से प्रयासरत है। अब इस समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जागी है। अगले दस दिन में जापान के इंजीनियरों के जिले में पहुंचने की उम्मीद है। टीम भूस्खलन के लिए संवेदनशील स्थानों पर शोध करेगी।
पूर्व में भूस्खलन प्रभावित रहे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भूस्खलन पर लगाम लगाने का कार्य तीन चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में जापानी इंजीनियर यहां आकर शोध करेंगे, दूसरे चरण में जिला वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जापान जाकर भूस्खलन रोकने संबंधी प्रशिक्षण लेंगे और तीसरे व अंतिम चरण में कर्मचारी जिले में वापस आकर भूस्खलन रोकेंगे। इस शोध और प्रशिक्षण का पूरा खर्च जापान उठाएगा।
नैनीताल के डीएफओ बीजू लाल टीआर ने कहा कि
जापान से इस शोध के लिए करार हो चुका है। भूस्खलन पर शोध करने के लिए जापान से इंजीनियरों की टीम जल्द जिले में आ रही है। टीम प्रभावित क्षेत्रों में शोध कर रिपोर्ट तैयार करेगी और फिर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जापान जाकर प्रशिक्षण लेंगे। उम्मीद है कि जापानी तकनीक भूस्खलन रोकने में कारगर साबित होगी।
जापानी तकनीक से रुकेगा जिले में भूस्खलन
-नैनीताल पहुंचेगी जापानी इंजीनियरों की टीम
-शोध से पता चलेंगे भूस्खलन के कारण
-फिर नैनीताल के वन अधिकारी प्रशिक्षण के लिए जाएंगे जापान