नैनीताल। परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की मांग पर अड़े एनएसयूआई के छात्रनेताओं ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को दिनभर बवाल किया। छात्रनेताओं ने जबरन कई विभाग बंद करवा दिए। इससे कर्मचारी अंदर बंद हो गए, हालांकि थोड़ी देर में ही साथी कर्मचारियों ने दरवाजे खोलकर बाहर निकाल लिया। छात्रों ने कुर्सियां मेजें फेंक दीं और गेट पर धरने पर बैठ गए। बाद में विवि की विभागीय बैठक में गुस्साए सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय पंत ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कार्य नहीं हो सकता। शाम को कुलपति ने हंगामा करने वाले छात्रों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
एनएसयूआई के दिग्विजय मेहरा, नितिन जाटव, पवन जाटव, शार्दूल नेगी, अवनीश जाटव, दीपक दास समेत तमाम छात्र नेता बृहस्पतिवार करीब 11 बजे कुविवि पहुंचे। छात्रों ने जबरन कई विभाग बंद करवा दिए, कुर्सियां, मेजें फेंक दीं और पूरे दिन जमकर हंगामा किया। छात्र परिसर का मुख्य गेट बंद कर फर्श पर बैठ गए। इस दौरान परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की मांग को लेकर परीक्षा नियंत्रक से उनकी तीखी बहस हो गई। कुमाऊं विवि ने दोपहर बाद विभागीय बैठक कर परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्रों ने फिर कई विभाग बंद करवा दिए। दोबारा हंगामा, गेट बंद कर छात्र नेता धरने पर बैठ गए। विवि की अंदरूनी बैठक में सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय पंत ने इस्तीफे की पेशकश तक कर दी। हालांकि सहायक परीक्षा नियंत्रक ने इसे अंदरूनी प्रकरण बताया है।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कई विभाग बंद कराए, कुर्सियां फेंकीं
सहायक परीक्षा नियंत्रक ने इस्तीफे की पेशकश की
कहा, ऐसे माहौल में कार्य नहीं हो पाएगा
कुलपति ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए
हंगामा करने वालों पर मुकदमा होगा
कुमाऊं विवि के कुलपति डॉ. डीके नौड़ियाल ने बताया कि छात्रों ने कर्मचारियों को कार्यालय में बंद कर दिया। दिन भर हंगामा किया, इससे माहौल खराब हुआ। ऐसे माहौल में काम नहीं किया जा सकता है। हंगामा करने वाले छात्रों की पहचान कराई जाएगी। छात्रों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा कार्यक्रम नहीं बदलेगा
कुलपति के पीएस विधान चौधरी ने बताया कि 40 दिन में परीक्षा कराने और समय से परिणाम घोषित कर सत्र नियमित रखने के निर्देश शासन से मिले हैं। ऐसे में परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।