बसपा सुप्रीमो के बयान ने सियासी अटकलों पर लगाया विराम।
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उत्तराखंड में बसपा द्वारा कांग्रेस के समर्थन के बाद उठ रहे राजनीतिक संभावना पर मायावती ने विराम लगा दिया है।
उन्होंने कहा है कि मैं यह साफ कर देना चाहती हूं कि उत्तराखंड में बसपा किसी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी सभी राज्यों में अकेले चुनाव लड़ेगी।
मंगलवार को विधानसभा फ्लोर टेस्ट में बसपा ने कांग्रेस सरकार बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। यहीं नहीं हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बसपा ने सबसे अधिक जिला पंचायत होने के बावजूद अपने प्रत्याशी मोहम्मद सत्तार का नामांकन वापस करा दिया था।
बसपा के इस कदम से कांग्रेस को वॉक ऑवर मिल गया और उसकी प्रत्याशी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुन ली गई।
हाल की हुई इन दो बड़ी घटनाओं से सियासी हलकों में यह अटकलबाजी शुरू हो गई थी कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विस चुनाव में दोनों दल साथ होंगे।