राज्यसभा की जिस सीट के लिए 11 जून को मतदान होना है, उसके लिए कांग्रेस के भीतर कई दावेदार खड़े हैं। केंद्रीय नेताओं की दावेदारी के साथ ही प्रदेश के नेताओं ने भी अंदरखाने लॉबिंग शुरू कर दी है।
कांग्रेस सरकार के सियासी संकट से उबरने के बाद विधायक मुख्यमंत्री हरीश रावत से समर्थन के अहसान के बदले मंत्री पद या फिर राज्यसभा की यह सीट चाह रहे हैं। इसके साथ ही कांग्रेसी अंदरखाने यह मुहिम भी तेज कर रहे हैं कि इस पर बाहर से कोई नेता न टपकने पाए।
पीडीएफ भी कोशिश में
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से इस पद के लिए किशोर उपाध्याय का नाम सुझाया गया है, लेकिन दूसरे कांग्रेसियों में विधायक गणेश गोदियाल का नाम सबसे ऊपर है। साथ ही कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै इसे पीडीएफ के खाते में लाना चाहते हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि गोदियाल इस संबंध में उत्तराखंड प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से भेंट भी कर चुके हैं। कुछ कांग्रेसी विधायक नव प्रभात का नाम सुझा रहे हैं। नव प्रभात भी मंत्री पद के दावेदारों में हैं।
महिला कांग्रेस अलग कर रही तैयारी
सियासी संकट में आगे-आगे रहे कई विधायक मंत्री पद न मिलने पर राज्यसभा की यह सीट चाहते हैं, लेकिन अभी इन विधायकों ने पुरजोर तरीके से अपनी बात हाईकमान के सामने नहीं रखी है। इसके अलावा महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी खिचड़ी अलग पकानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि राज्य आंदोलन से जुड़ी किसी महिला नेता को राज्यसभा भेजा जाए।
इसके पहले मनोरमा शर्मा डोबरियाल को राज्यसभा भेजा गया था, उनके निधन के बाद राजबब्बर को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और मनु सिंघवी के नाम पर भी चर्चा तेज हो गई है। उत्तराखंड सह प्रभारी संजय कपूर का कहना है कि इस संबंध में तीन दिन बाद वरिष्ठ नेताओं की बैठक होगी। अभी इस संबंध में कुछ तय नहीं हुआ।