संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। 12 घंटे के ड्यूटी रोस्टर के खिलाफ स्टेशन मास्टर लामबंद हो गए हैं। 12 घंटे का ड्यूटी रोस्टर समाप्त करने सहित कई अन्य मांगों के समर्थन में स्टेशन मास्टर 16 अक्तूबर को जंतर मंतर पर भूख हड़ताल करेंगे और ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर डिमांड बैज लगाकर कामकाज करेंगे।
उत्तराखंड के प्रमुख स्टेशनों के साथ ही उत्तराखंड से सटे उत्तर प्रदेश के कुछ रेलवे स्टेशनों के बड़ी संख्या में स्टेशन मास्टर रविवार को कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए। यहां ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले स्टेशन मास्टरों की लंबे समय से की जा रही अनदेखी पर चिंता व्यक्त की गई। मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत एसोसिएशन की लक्सर शाखा की बैठक में स्टेशन मास्टर आशीष शर्मा ने स्टेशन मास्टरों से एकजुट रहकर अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष का आह्वान किया।
जीएस परिहार ने बताया कि एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी अपनी मांगों के समर्थन में जल्दी ही बड़ा आंदोलन छेड़ने जा रही है। अपनी मांगों के संबंध में 40 से 50 सांसदों के माध्यम से मांग पत्र केंद्रीय रेल मंत्री एवं रेल राज्य मंत्री तक पहुंचाए जा चुके हैं।
आगामी 16 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर एसोसिएशन के केंद्रीय एवं जोनल पदाधिकारी एक दिन की भूख हड़ताल कर इस आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं। इतना ही नहीं मांगों के समर्थन में ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर डिमांड बैज लगाकर कामकाज करेंगे।
स्टेशन अधीक्षक आशीष बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उत्तराखंड के प्रमुख स्टेशनों देहरादून, हरिद्वार, ज्वालापुर, पथरी, लक्सर, कोटद्वार के अलावा उत्तराखंड से सटे यूपी के बिजनौर, नजीबाबाद, फजलपुर, चंदक, बसी किरतपुर रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टर जेपी मीणा, अमित राजपूत, अमरीश कुमार, ऋषिपाल, मुन्ना सिंह, मनोज चौहान, रोहित कुमार, संतोष कुमार, बिट्टू कश्यप, राजेंद्र रानाकोटि, राजीव सती, सुभाष राजपूत, विक्रम नेगी एवं नजीबाबाद स्टेशन के सीएमआई राजेंद्र कुमार मीणा बैठक में शामिल हुए।
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-एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
12 घंटे का ड्यूटी रोस्टर समाप्त किया जाए।
कैडर की पुन: संरचना की जाए।
रात्रि ड्यूटी भत्ता की सीलिंग को समाप्त किया जाए।
स्टेशन मास्टरों को सेफ्टी/तनाव भत्ता दिया जाए।
पुरानी पेंशन को पुन: बहाल किया जाए।
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जारी
चरनजीत सिंह