उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा की बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारियों ने चिह्निकरण के लंबित मामलों पर अभी तक कार्रवाई न होने पर रोष जताया और 25 नवंबर को तहसील प्रांगण में शासनादेश की प्रतियां फूंकने का अल्टीमेटम दिया।
पदमपुर स्थित कार्यालय में हुई बैठक में महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि गत 16 और 17 नवंबर को संगठन ने राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पौड़ी में प्रदर्शन किया था। वार्ता में डीएम ने एक सप्ताह में कमेटी का गठन कर चिह्निकरण के लंबित मामलों का निस्तारण करने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक लंबित मामलों का निस्तारण नहीं किया गया। इस मौके पर उर्मिला जोशी, राजेश्वरी रावत, कृष्णा काला, मुन्नी धूलिया, कल्पेश्वरी, इंदु गौड़, लक्ष्मी रावत, विद्यावती, इंदू जुयाल, रीना देवी, बीना, देशबंधु कुकरेती, मुनेश्वर दत्त, जयप्रकाश रावत, प्रेम सिंह बंदवाल, कलम सिंह, शशिकांत, मंजू कोटनाला, इच्छा नेगी, कमला चौहान और पीतांबर सिंह आदि मौजूद रहे।