फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनकपुरी में सीता और अयोध्या में हुआ श्रीराम का जन्म

विज्ञापन
दुगड्डा में आयोजित रामलीला में गुरु शिक्षा के लिए तीनों भाइयों को साथ ले जाते श्री राम। - फोटो : KOTDWAR
विज्ञापन
श्री रामलीला कमेटी दुगड्डा की ओर से आयोजित 121वीं रामलीला मंचन के तीसरे दिन रंगकर्मियों ने जनकपुरी में माता सीता और अयोध्या में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्मोत्सव का मंचन किया।
विज्ञापन

मंगलवार रात को मुख्य अतिथि समाजसेवी भरत सिंह ने रामलीला का शुभारंभ किया। रामलीला का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की झांकी से किया गया। भजन गायक नरेंद्र शहनाई ने तेरे बगैर सांवरिया जिया नहीं जाए... भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। रामलीला के पहले दृश्य में जनकपुरी में अकाल पड़ा है, राजा जनक के दरबार में फरियादी आते हैं। गुरुजनों के बताने पर राजा जनक सोने का हल लगाते हैं और धरती से माता सीता का जन्म होता है।
दूसरे दृश्य में श्रृंगी ऋषि के यज्ञ से अग्निदेव प्रकट होते हैं राजा दशरथ को प्रसाद देते हैं। राजा तीनों रानियों को प्रसाद देते हैं। प्रसाद ग्रहण करने के बाद रानी सुमित्रा, कैकेई और कौशल्या के गर्भ से श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है। राजा के महल में पुत्र रत्न प्राप्ति पर जश्न मानाया जाता है। इसके बाद बड़े होकर चारों भाइयों को गुरु वशिष्ठ शिक्षा ग्रहण के लिए ले जाते हैं। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गौरव खैरवाल, महामंत्री सौरभ गुप्ता, संजीव कोटनाला, बबली बिष्ट, शिव चंद्र अलबेला, विरेंद्र शाह, सोम प्रकाश डबराल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

मालवीय उद्यान में रामलीला मंचन शुरू
कोटद्वार। श्री रामलीला कमेटी कोटद्वार की ओर से मालवीय उद्यान में रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। पहले दिन नारद मोह लीला, रावण तप और वेदवती रावण संवाद का मंचन किया गया।
पंडित राम प्रकाश शर्मा और पंडित दिनेश बौंठियाल ने मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान के साथ पूजन किया। इसके बाद नारद मोह लीला के दृश्य के साथ रामलीला का मंचन शुरू हुआ। मुनि नारद को अभिमान हो जाता है, जिसको भगवान विष्णु अपनी महिमा से भंग करते हैं। आक्रोशित मुनि नारद भगवान विष्णु को श्राप दे देते हैं। इसके बाद रावण अपने तप से भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं और भगवान शिव रावण को वरदान देते हैं। वरदान पाकर रावण अपने अहंकार की वजह से वेदवती से श्रापित हो जाता है। इस मौके पर मुन्नालाल मिश्रा, दिनेश अग्रवाल, दिनेश वर्मा, सुमित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरीश बहरानी, महामंत्री धर्मवीर गुसाईं, कोषाध्यक्ष सुनील गोयल और प्रमोद रावत आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें