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बसों के लिए लोगों को घंटों करना पड़ा इंतजार

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कोटद्वार रोडवेज बस अड्डे के बाहर बस पकड़ने के लिए सवारियों की भीड़। - फोटो : KOTDWAR
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शादी का सीजन और छुट्टियां खत्म होते ही प्रवासियों का पहाड़ से मैदान लौटने का सिलसिला रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को कोटद्वार डिपो में दिल्ली जाने के लिए भीड़ उमड़ी रही। लोगों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए कोटद्वार डिपो से मैदानी रूट पर दूसरे दिन आठ अतिरिक्त बसें चलानी पड़ीं। सामान्य दिनों में दिल्ली रूट पर 18 बसें संचालित होती थीं। दिल्ली रूट पर शाम तक कुल 26 बसें संचालित हुईं।
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रविवार को मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, अमृतसर और चड़ीगढ़ के लिए बसों को पकड़ने के लिए लोगों में मारामारी रही। कई लोगों की ओर से पहले ही ऑनलाइन बुकिंग कराई गई थी, लेकिन जिन लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग नहीं कराई थी, उन्हें सीट के लिए परेशान होना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद भी जब लोगों को बस नहीं मिली तो उन्हें प्राइवेट वाहनों से दिल्ली के लिए रवाना होना पड़ा। साथ ही कई लोगों को यूपी रोडवेज से भी जाना पड़ा। रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी शांति बिष्ट और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी बीरेंद्र जदली ने बताया कि बीते दिनों की अपेक्षा रविवार को मैदानी रूटों पर यात्रियों का भारी दबाव रहा। दिल्ली रूट पर 26 बसें समेत मैदानी रूट पर कुल 43 बसें संचालित की गई। जिसमें निगम की 28 और 15 अनुबंधित बसें संचालित हुईं।
संगरूर, लैंसडौन और जमेली बस सेवाएं रोकीं
कोटद्वार। मैदानी रूटों पर यात्रियों के दबाव के चलते संगरूर, लैंसडौन और जमेली बस सेवाएं संचालित नहीं हुईं। इन रूटों की बसों को भी दिल्ली रूट पर संचालित करना पड़ा। पौड़ी से दिल्ली के लिए सामान्य दिनों में एक बस सेवा का संचालन होता था, लेकिन यात्रियों के दबाव के चलते पौड़ी से दिल्ली के लिए तीन बसें संचालित हुई।
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20 अतिरिक्त टिकट मशीनों की डिमांड भेजी
कोटद्वार। उत्तराखंड परिवहन निगम के निदेशालय की ओर से यात्रियों के टिकट काटने के लिए कोटद्वार डिपो को 40 मशीनें ही उपलब्ध कराई गईं, जिससे कोटद्वार डिपो को बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। एक रूट की बस के लौटने पर दूसरी बस के परिचालक को टिकट मशीन थमाई जा रही है, जिससे जहां बसों के निर्धारित समय पर संचालित करना मुश्किल हो रहा है। वहीं इससे उत्तराखंड परिवहन निगम को भी लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोटद्वार डिपो के अधिकारियों की मानें तो 20 अतिरिक्त टिकट मशीनों की डिमांड निदेशालय को भेजी गई है।
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