कोटद्वार में बर्तन खरीदने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़।
- फोटो : KOTDWAR
धनतेरस पर कोटद्वार और निकटवर्ती बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। देवी रोड पर प्रगति मैदान में लगी पटाखों की दुकानों पर भी लोगों ने जमकर खरीदारी की।
सोमवार शाम को ही शहर के बाहर से आए व्यापारियों ने नजीबाबाद रोड, झंडा चौक और आसपास की सड़कों पर दुकानें सजा दीं। आधी रात तक कोटद्वार के सभी मुख्य मार्गों पर फड़ लगाने वाले व्यापारियों ने दुकान के लिए जगह घेर ली थी। मंगलवार सुबह से ही सड़कों और बाजारों में बर्तन, पटाखे, लड़ियां, खील, बताशे, मिठाइयां और अन्य सजावटी सामान की दुकानें सज गईं। धनतेरस के अवसर पर बर्तन लेने की परंपरा को लेकर सुबह से ही बर्तनों की दुकानों में भीड़ उमड़ी रही।
लोगों ने उड़ाई कोरोना नियमों की धज्जियां
बाजार गए लोगों ने कोरोना गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ार्इं। नियमों का पालन कराने के लिए न तो नगर निगम और न ही पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखा। लोग सामाजिक दूरी का पालन न करते हुए एक दूसरे पर चिपककर खरीदारी करते रहे। अधिकतर लोग बिना मास्क के बाजार में घूमते नजर आए। बाजारों में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन किसी भी पुलिस कर्मी को लोगों को मास्क को लेकर टोकते नहीं देखा गया।
लैंसडौन में बाजार में नजर नहीं आए ग्राहक
छावनी नगर में धनतेरस का बाजार फीका रहा। दुकानदारों में खरीदारों की भीड़ जुटने की उम्मीद थी लेकिन सुबह से शाम तक दुकानदार ग्राहकों की राह ताकते रहे। व्यापार मंडल की सदस्य लता खंडेलवाल ने बताया कि दो साल से मंदी की मार झेल रहे दुकानदारों के लिए यह धनतेरस भी निराशा लेकर आया। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार ग्राहकों की भीड़ जुटेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पटाखा विक्रेताओं के लिए नरेंद्र क्लब का चयन कर वहां दुकानें लगाई गईं लेकिन ग्राहकों का यहां भी टोटा रहा।